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अंतरिक्ष से पृथ्वी पर गिरने वाला है चीन का 9.4 टन वजनी स्पेस स्टेशन, 38 शहरों पर ख़तरा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 30 , 2018 , 21:16 IST

अंतरिक्ष में चीन के बंद पड़े स्पेस स्टेशन से धरती को ख़तरा पैदा हो गया है। चीन के स्पेस स्टेशन की निगरानी कर रहे वैज्ञानिकों ने ये बात कही है कि उनके बंद पड़े स्टेशन का मलबा जल्द ही पृथ्वी पर गिरेगा लेकिन कहां ये कह पाना थोड़ा मुश्किल है। चीन का जो स्पेस स्टेशन धरती पर गिरने वाला है उसका वजन 9.4 टन यानी करीब 19000 पाउंड है। 

 

क्या है पूरा मामला?

द तियांगोंग-1 स्पेस स्टेशन चीन के स्पेस प्रोग्राम का हिस्सा था। यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) का अनुमान है कि यह 30 मार्च से 2 अप्रैल के बीच धरती पर गिर सकता है। हालांकि यह कहां गिरेगा? इस बारे में अभी तक पूरा अनुमान नहीं लगाया जा सका है। कुछ अनुमानों के मुताबिक स्पेन, तुर्की, इंडिया, इटली और यूएस का कुछ हिस्सा इसकी जद में आ सकता है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक ये स्पेस स्टेशन धीरे-धीरे पृथ्वी के करीब आ रहा है चीन यह स्पष्ट कर चुका है कि वे इस कंट्रोल करने में सक्षम नहीं है। दो साल पहले ही चीन का तियांयोंग-1 से संपर्क टूट चुका है। यूरोपियन स्पेस एजेंसी के मुताबिक पृथ्वी पर इसका मलबा भूमध्य रेखा पर 43 डिग्री उत्तर से 43 डिग्री दक्षिण के बीच गिर सकता है। स्टेशन का मलबा धीरे-धीरे पृथ्वी के करीब आ रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जैसे ही यह पृथ्वी के 100 किलोमीटर के नजदीक आएगा, यह गर्म होने लगेगा। अगर यह आबादी वाले इलाके में रात के समय जल कर गिरा तो इसे देखा भी जा सकेगा।

क्या है द तियांयोंग-1?

भारत में भी इसके गिरने की संभावना जताई जा रही है। चीन ने 2011 में द तियांयोंग-1 स्पेस में भेजा था। इसके बाद 2012 में चीन की पहली महिला यात्री लियू यांग अंतरिक्ष गईं। इसने तय समय के दो साल बाद मार्च 2016 में काम करना बंद कर दिया। चीन 2022 तक इसका तीसरा संस्करण अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी में है। इसमें वैज्ञानिक रह भी सकेंगे।

ऐसा माना जा रहा है कि पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करते ही इसका काफी सारा हिस्सा जलकर राख हो जाएगा लेकिन जो हिस्सा बचेगा इसका खतरा 38 शहरों पर मंडरा रहा है। बार्सिलोना (स्पेन), बीजिंग (चाइना), न्यूयॉर्क (यूएसए), रोम (इटली) न्यूजीलैंड, रसिया, अर्जेंटीना या फ्रांस आदि देशों में से किसी शहर में गिर सकता है। इसका साइज एक स्कूल बस के बराबर बताया जा रहा है। कुछ वैज्ञानिक ये भी दावा कर रहे हैं कि पृथ्वी पर पहुंचने से पहले ही यह पूरी तरह से जलकर खाक हो जाएगा और इसका नुकसान किसी भी शहर पर नहीं पड़ेगा।


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