राजनीति

BJP का 'Operation Lotus', कांग्रेस विधायक ने कहा- मेरे पास आई कॉल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 16 , 2018 , 12:33 IST

कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर भाजपा ने कोशिशें करना शुरु कर दिया है। भाजपा को ऑपरेशन लोटस चला कर सत्ता पर दिलाने वाले बीएस येद्दियुरप्पा ने फिर ‘ऑपरेशन लोटस’ छेड़ा है।

सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दियुरप्पा के संपर्क में कुल 10 विधायक हैं जिसमें कांग्रेस के चार और जेडीएस के छह विधायक हैं। भाजपा ने सबको मंत्री बनाने की बात कही है। भाजपा ने विकल्प दिया है कि बहुमत परीक्षण के दौरान वह भाजपा को वोट दें या गैर-हाजिर रहें।

उधर, बुधवार को भाजपा, जेडीएस और कांग्रेस के विधायक दल की मीटिंग होनी है। बता दें कि जेडीएस-कांग्रेस और भाजपा ने सरकार बनने का दावा पेश कर चुके हैं। इस चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस गठबंधन को 38 सीटें मिली हैं।

संपर्क में हैं बीजेपी के नेता-:

कांग्रेस नेता डी शिवकुमार ने कहा कि वे (भाजपा‌) हमारे नेताओं के संपर्क में हैं। ये हम जानते हैं। सभी पर बहुत दबाव है। लेकिन यह आसान नहीं होगा, क्योंकि दो पार्टियों के पास बहुमत का नंबर है। लोग यह सब देख रहे हैं।

भाजपा के नेता की आई थी काल-:

कांग्रेस विधायक अमरेगौड़ा लिंगानागौड़ा पाटिल बाय्यापुर ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि मुझे भाजपा नेताओं का कॉल आया था। उन्होंने कहा कि हमारे साथ आ जाओ और हम आपको मंत्रालय देंगे। हम आपको मंत्री बनाएंगे। लेकिन, मैंने मना कर दिया। हमारे मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी हैं।

कांग्रेस ने राज्यपाल को दिखाया गोवा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला-:

कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की और गोवा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला दिखाया। कहा- सबसे बड़े दल को शपथ जरूरी नहीं है। कोर्ट ने कहा था, "सबसे बड़ेदल को शपथ दिलवाना जरूरी नहीं। 2-3 दलों के पास ज्यादा संख्या है तो उन्हें शपथ दिलवा सकते हैं।' कांग्रेस ने कहा- राज्यपाल इसके खिलाफ नहीं जा सकते।

सीपीएम महासचिव येचुरी ने भी जेटली के ट्वीट का दिया हवाला-:

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने भी जेटली के ट्वीट का हवाला देते हुए लिखा है, ''बीजेपी सरकार द्वारा नियुक्त गवर्नर्स ने गोवा, मणिपुर और मेघालय में सरकार बनाने के लिए सबसे बड़ी पार्टी को आमंत्रित नहीं किया था। केंद्रीय मंत्री ने उन्हें समर्थन देने वाले तर्क दिए थे। उम्मीद है कि कर्नाटक में भी इसका पालन किया जाएगा।


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