राजनीति

सपा से कोई गठबंधन नहीं, BJP को हराने वाले को हमारा समर्थन : मायावती

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 4 , 2018 , 18:13 IST

बसपा सुप्रीमो मायावती ने 2019 लोकसभा चुनाव पर सपा के साथ गठबंधन से साफ इंकार कर दिया है। मायावती ने कहा कि गोरखपुर में होने वाले दो सीटों पर उपचुनाव के लिए अभी 'इस हाथ लो उस हाथ दो' समझौता हुआ है।

उन्होंने कहा कि बीएसपी पहले की तरह उपचुनाव में नहीं उतरी है और कार्यकर्ताओं को बीजेपी के खिलाफ सबसे मजबूत उम्मीदवार को वोट देने के लिए कहा गया है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अब तक दो ध्रुवों पर खड़ी रही एसपी और बीएसपी ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में हाथ मिला लिया है। इसके अलावा बीएसपी ने राज्यसभा चुनाव में भी एसपी उम्मीदवारों को समर्थन देने की बात कही है। इसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि 2019 में भी दोनों पार्टियां साथ चुनाव लड़ेंगी।

रविवार को बीएसपी सुप्रीमो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मीडिया में कहा जा रहा है कि 2019 लोकसभा चुनाव के लिए एसपी और बीएसपी में गठबंधन हो गया है, यह तथ्यों से परे है। यूपी या अन्य किसी राज्य में जब भी पार्टी का किसी अन्य दल से गठबंधन होगा तो यह गुपचुप तरीके से नहीं होगा।'

उन्होंने कहा, 'पहले की तरह बीएसपी इस बार भी उपचुनाव नहीं लड़ रही है। इसका मतलब यह नहीं कि बीएसपी के लोग वोट नहीं डालेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि बीजेपी के उम्मीदवार को हराने के लिए दूसरी पार्टियों के सबसे मजबूत उम्मीदवार को वोट दें।'

मायावती ने कहा, 'यूपी में हाल ही में राज्यसभा और विधान परिषद में चुनाव होना है। इसमें एसपी और बीएसपी एक दूसरे को वोट ट्रांसफर करेंगे। बीएसपी और एसपी के पास अपने उम्मीदवार जिताने के लिए अधिक वोट नहीं है।

इसलिए हमारी पार्टी ने एसपी के साथ बातचीत करके तय किया है कि हम उनकी मदद करेंगे और वो हमारी मदद करेंगे। हालांकि इसका मतलब चुनावी गठबंधन नहीं है।' उन्होंने कांग्रेस पार्टी के सामने मध्य प्रदेश के लिए भी यही फॉर्म्युला सामने रखा।

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बता दें कि इससे पहले 1993 में एसपी-बीएसपी एक साथ चुनाव लड़ चुके हैं। तब लक्ष्य 'राम लहर' को रोकना था। तब एसपी-बीएसपी गठबंधन को 176 सीटें मिली थीं और बीजेपी को 177 सीटें। गेस्ट हाउस कांड के बाद गठबंधन टूटा तो दोनों दल कभी साथ नहीं आ पाए। हालांकि, अखिलेश यादव कई बार खुले मंच से गठबंधन का प्रस्ताव दे चुके हैं, लेकिन मायावती ने इनकार ही किया है।


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