राजनीति

ताजमहल विवाद पर बोले आजम- 'संसद, राष्ट्रपति भवन भी गुलामी की निशानियां गिरा दो'

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| अक्टूबर 17 , 2017 , 12:10 IST

ताजमहल विवाद पर बयानबाजी का सिलसिला लगातार जारी है। बीजेपी विधायक संगीत सोम के बयान से शुरू हुए विवाद में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान भी कूद गए हैं। आजम खान ने ताजमहल के बहाने बीजेपी पर निशाना साधा है। आजम ने कहा कि गुलामी की निशानियों को ना मिटाना राजनीतिक नपुंसकता है।

आजम खान ने कहा कि, मैं किसी को जवाब नहीं दे रहा हूं क्योंकि गोश्त के कारखाने चलाने वालों को राय देने का अधिकार नहीं है। इस पर मोदी और योगी जी फैसला करेंगे

उन्होंने कहा कि, मैं तो इस बात का समर्थन करता हूं कि उन सभी इमारतों को तबाह कर देना चाहिए, जिनमें से कल के शासकों की बू आती हो।

आजम खान ने कहा कि, मैंने तो पहले ही कहा थी सिर्फ ताजमहल ही क्यों संसद, राष्ट्रपति भवन, कुतुब मीनार सब को गिरा देना चहिए। हम तो बादशाह से अपील करते हैं। छोटे बादशाह से तो हमने कहा कि आप आगे चलो हम साथ चलेंगे। पहला फावड़ा आपका होगा दूसरा हमारा होगा। कहने के बाद कदम पीछे हटा लेना राजनीतिक नपुंसकता है।

वहीं, संगीत सोम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि लाल किला को भी गद्दार ने ही बनाया है तो क्या पीएम मोदी लाल किले पर तिरंग फहराना बंद करेंगे?

Azam Khan

ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा दिल्ली में हैदराबाद हाउस को भी गद्दार ने ही बनाया था। क्या मोदी विदेशी मेहमानों को यहां आने से रोकेंगे।

आपको बता दें कि, संगीत सोम ने अपने विवादित बयान में ताजमहल भारतीय संस्कृति पर एक धब्बा बताया है। उन्होंने इतिहास को गलत तरीके से पेश करते हुए यह भी कहा कि 17वीं शताब्दी में संगमरमर की यह इमारत बनवाने वाले शाहजहां ने अपने पिता को जेल में डाल दिया था और वह देश से हिंदुओं का नामो निशान मिटा देना चाहता था।

उन्होंने कहा कि, ताजमहल (शाहजहां) का निर्माण कराने वाले ने अपने पिता को कैद कर दिया था। वह भारत से सभी हिंदुओं को मिटा देना चाहता था। अगर ऐसे लोग हमारे इतिहास का हिस्सा हैं, तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।


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