नेशनल

NSG स्थापना दिवस: कभी असफल न होने वाले जवान ऐसे बनते हैं कमांडोज

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1030
| अक्टूबर 16 , 2017 , 21:02 IST

देश के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा और आतंकी हमलों से बचाव देश के एनएसजी कमांडोज करते है। बता दें कि सोमवार को ये कमांडोज अपना 33वां स्थापना दिवस मना रहा है। पिछले दो दशकों से चाहे देश में फिदायीन हमलों से लड़ने की बात हो या फिर आतंकवादियों को नेस्तानाबूद करने की ऐसे हर मिशन में संकटमोचन साबित होते है एनएसजी कमांडोज।

एनएसजी कमांडोज की सबसे खास बात है कि वो कभी भी अपने टारगेट से चूकते नहीं है। इन कमांडोज ने अपने गठन के बाद से करीब दो दर्जन से भी अधिक खतरनाक ऑपरेशन्स को अंजाम दिया है। यहां तक की ये लोग कभी भी अपने ऑपरेशन में नाकामयाब होकर नहीं आते है। इनका एकमात्र लक्ष्य होता है अपने मिशन में कामयाबी हासिल करना।

NSG-Commando-1

एनएसजी अपने किसी भी मिशन को इतनी तेजी के साथ करती है कि दुश्मनों को इसकी भनक तक नहीं लग पाती है। बता दें कि एनएसजी कमांडो हमेशा काले कपड़े, काले नकाब और काले ही बाकी साजो-सामान का इस्तेमाल करते हैं इसलिए उन्हें ब्लैक कैट कहा जाने लगा। एनएसजी का ध्येय वाक्य है- 'सबके लिए एक, एक के लिए सब।'

एनएसजी कमांडो की भर्ती सीधे तौर पर नहीं होती है। बल्कि इसके लिए भारतीय सेना और अर्ध-सैनिक बलों के सर्वश्रेष्ठ जवानों को चुना जाता है और फिर इनकी ट्रेनिंग होती है। चुने गए लोगों में सभी जवान एनएसजी की ट्रेनिंग पूरी कर ले ये जरूरी नहीं है।

Delhi-comma

आपको बता दें कि NSG में 53 फीसदी जवान सेना से जबकि 47 फीसदी कमांडो चार पैरा मिलिट्री फोर्सेज- सीआरपीएफ, आईटीबीपी, रैपिड एक्शन फोर्स और बीएसएफ से रखे जाते हैं। इन कमांडोज की कार्यसेवा 3 से 5 साल तक होती है। 5 साल सेवा देने के लिए कुछ ही कमांडोज को चुना जाता है, जबकि अधिक्तर जवानों को 3 साल बाद ही उनकी मूल सेनाओं में वापस भेज दिया जाता है।


कमेंट करें