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कांग्रेस को मिला ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर का साथ, 23 अक्टूबर को थामेंगे पार्टी का दामन

अमितेष युवराज सिंह | न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 21 , 2017 , 20:46 IST

गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में शनिवार शाम गुजरात के बड़े ओबीसी नेता के तौर पर उभरे अल्पेश ठाकोर ने दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि राहुल गांधी 23 अक्टूबर को जनादेश रैली में आ रहे हैं और उसी रैली में वे कांग्रेस पार्टी का दामन थामेंगे। अल्पेश की इस घोषणा से उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र में ओबीसी बहुल वाली विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

कांग्रेस के गुजरात चुनाव प्रभारी अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी के साथ अल्पेश ठाकोर राहुल गांधी से मिलने पहुंचे। राहुल से मुलाकात के बाद अल्पेश ने बीजेपी के 'गुजरात मॉडल' के नारे पर हमला बोल दिया। अल्पेश ने कहा कि गुजरात में किसान कर्जदार हैं, युवा बेरोजगार हैं और शराबबंदी के बाद भी हर साल हजारों लोगों की शराब पीने से मौत हो जाती है।

माना जा रहा है कि अल्पेश बनासकांठा से चुनाव लड़ना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने या नहीं लड़ने पर फैसला पार्टी करेगी। अल्पेश अपने साथ-साथ पटेलों के नेता हार्दिक पटेल और दलित नेता जिग्नेश मेवानी के भी साथ आने का दावा कर रहे हैं।

आपको बता दें कि सबकी नजरें 23 अक्टूबर को ओबीसी एससी/एसटी एकता मंच के संयोज अल्पेश ठाकोर की अहमदाबाद में होने वाली रैली पर भी है। इस रैली को 'जनादेश सम्मेलन' का नाम दिया गया है। गुजरात के चुनावी रण में ओबीसी वोटों का कितना महत्व है, यह इसी से साफ है कि राज्य में 54 फीसदी ओबीसी यानी अति पिछड़े वर्ग की आबादी है। यही वजह है कि अल्पेश चुनावी चौसर पर अपना दांव बेहद चतुराई से चल रहे हैं। अल्पेश दावा कर रहे हैं कि इस रैली में 5 लाख से ज्यादा लोग हिस्सा लेंगे। 

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इससे पहले गुजरात कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भरत सोलंकी ने हार्दिक पटेल को गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ने का न्योता दिया। भरत सोलंकी ने कहा कि अगर हार्दिक पटेल चुनाव लड़ना चाहते हैं तो कांग्रेस पार्टी उन्हें आमंत्रण देती है।

कांग्रेस के चुनाव लड़ने के न्योते पर पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा कि ''संविधान के मुताबिक मैं चुनाव नहीं लड़ सकता और न ही कोई जरूरत है। लेकिन बीजेपी के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है।''

आपको बता दें कि अभी हाल ही में गुजरात सरकार ने हार्दिक पटेल के खिलाफ तिरंगे के अपमान करने का केस वापस ले लिया। हार्दिक पर दो साल पहले (19 अक्टूबर 2015) तिरंगे के अपमान का केस दर्ज हुआ था।

 


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