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देश भर में ओला-ऊबर के ड्राइवरों की हड़ताल, बड़े शहरों में दिखा ज्यादा असर

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 19 , 2018 , 17:01 IST

मोबाइल ऐप द्वारा चालित टैक्सी कंपनी ओला और उबर के ड्राइवर आज हड़ताल पर हैं। जिसका सबसे ज्यादा असर बड़े शहरों में देखा जा रहा है। इससे प्रभावित होने वाले प्रमुख शहर मुंबई, बंगलूरू और पुणे हैं। हालाकि दिल्ली-एनसीआर में केवल कंपनी की कैब चल रही हैं, जिससे स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में है।

हालांकि दिल्ली और बेंगलुरु में भी कैब की हड़ताल की बात कही जा रही थी लेकिन फिलहाल मुंबई में ही इसका असर देखने को मिल रहा है। बाकी जगह कैब मिल रही हैं। मुंबई में इस तरह की 45 हजार कैब दौड़ रही हैं लेकिन व्यापार में अचानक से गिरावट की वजह से इनकी संख्या में 20 प्रतिशत तक कमी आई है।

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ये हड़ताल 18 मार्च को रात 12 बजे से ही शुरू हुई।मनसे की परिवहन शाखा महाराष्ट्र नवनिर्माण वहातूक सेना एमएनवीएस ने आरोप लगाया है कि कैब एग्रीगेटर्स के ड्राइवरों का बिजनेस अच्छा नहीं चल रहा है। उनका बिजनेस लगातार कम होता जा रहा है। मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के परिवहन विंग के अध्यक्ष संजय नाइक का कहना है कि हड़ताल में देशभर के 60,000 कैब ड्राइवर शामिल हैं।

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ओला- उबर चालकों के हड़ताल पर रहने से इन दोनों कंपनियों की सभी सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। इसके चलते आम लोगों को ऑफिस, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और अन्य जरूरी कामों के लिए आना-जाना मुश्किल हो रहा है। कैब चालकों ने अपने कैब बुकिंग करने वाले डिवाइस को मध्यरात्रि से बंद कर रखा है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) नेता नितिन नंदगांवकर ने शहर में चलने वाली एक ट्रैक्सी की विंडशील्ड को तोड़ दिया। घटना का विडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह ड्राइवर से कहते दिख रहे हैं, 'गाड़ी किसी की भी हो, गाड़ी बंद।' दरअसल हड़ताल के दौरान ड्राइवर कैब चला रहा था। 

ड्राइवर्स का कहना है कि उनकी आमदनी में लगातार कमी हो रही है। इन कंपनियों की ड्राइवर्स यूनियन की प्रमुख मांग है कि पहले की तरह उनको कम से कम 1.25 लाख रुपये का व्यापार मिले। दूसरा, कंपनी अपने द्वारा चलाई जा रहीं कैब को बंद करें।

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तीसरा, उन ड्राइवर्स को दुबारा से रखा जाए जिनको कस्टमर्स ने कम रेटिंग दी है। चौथा, गाड़ी की कॉस्ट के अनुसार किराये का निर्धारण किया जाए और पांचवा, कम किराये पर बुकिंग को बंद किया जाए।

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ओला जहां देश के 110 शहरों में अपनी सर्विस देती है, वहीं उबर 25 शहरों में मौजूद है। ओला से रोजाना करीब 20 लाख लोग सफर करते हैं। 10 लाख लोग उबर की टैक्सी से अपना रोजाना का सफर पूरा करते हैं।


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