खेल

तीरंदाजी में गोल्ड जीतने वाली खिलाड़ी सड़कों पर बेच रहीं संतरे, अब आई सरकार को याद

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 15 , 2017 , 17:19 IST

भारत में आपने कई ऐसी खबरें सुनी होंगी जहां राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अपनी रोज़ी रोटी चलाने के लिए निम्न स्तर के काम करने पर मजबूर हो जाते हैं। ताजा मामला असम का है। यहां पर तीरंदाजी में राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीत चुकी खिलाड़ी बुली बासुमैत्री अब हाइवे किनारे संतरे बेचने को मजबूर हैं। वह पिछले तीन साल से चिरांग हाइवे पर संतरे बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। 

बासुमैत्री ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीते हैं। इसके आधार पर उन्होंने असम पुलिस में नौकरी के लिए आवेदन भी किया था, लेकिन आज तक उन्हें पुलिस महकमे में नौकरी नहीं मिल पाई। 2010 में किसी शारीरिक समस्या के कारण बासुमैत्री को अपने पसंदीदा खेल तीरंदाजी को अलविदा कहना पड़ा। इसके बाद उनके जीवन में कठिनाइयों का दौर शुरू हो गया और अपने और अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए संतरे बेचने का फैसला लेना पड़ा। बासुमैत्री की दो बेटियां हैं, जिनकी क्रमश: उम्र 2 और 3 साल है।

इस तीरंदाज ने राष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों मेडल अपने नाम किए हैं। भले ही सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए खिलाड़ियों को नौकरी देने की बात कहे, लेकिन कम होता है। राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी की ऐसी हालत देख खेलों में अपना भविष्य टटोल रहे दूसरे युवा खिलाड़ियों को भी सरकार की इस बेरुखी से झटका लग सकता है।

हालांकि अब राज्य सरकार की ओर से बासुमैत्री को मदद की बात कही जा रही है। असम के खेल मंत्री पल्लब लोचन ने बताया कि अगले सप्ताह बासुमैत्री को तीरंदाजी का कोच नियुक्त किया जाएगा और बाद में उन्हें कोचिंग की शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग के लिए पंजाब भेजा जाएगा।

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