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दबाव में पाकिस्तान, हाफिज सईद के जमात-उद-दावा पर लगाया प्रतिबंध

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 22 , 2019 , 11:06 IST

पाकिस्तान ने 2008 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के नेतृत्व वाले जमात-उद-दावा और उसकी परमार्थ संस्था फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर गुरुवार को प्रतिबंध लगा दिया। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद पाकिस्तान पर कार्रवाई करने को लेकर लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव बन रहा था।

गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में गुरुवार को हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में इन संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया।

प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘गैरकानूनी करार दिए गए संगठनों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का फैसला बैठक में लिया गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह तय किया गया कि गृह मंत्रालय द्वारा जमात-उद-दावा और फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को गैरकानूनी घोषित किया जाए।’’ इससे पहले गृह मंत्रालय ने दोनों संगठनों को निगरानी सूची में रखा था।

अधिकारियों के अनुसार, जेयूडी के नेटवर्क में 300 मदरसे औरस्कूल, अस्पताल, एक प्रकाशन और एम्बुलेंस सेवा शामिल हैं। दोनों समूहों के पास करीब 50,000 स्वयंसेवक और सैकड़ों की संख्या में वेतनभोगी कर्मचारी हैं।

जेयूडी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा (एलईटी) का मुखौटा संगठन है। अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अपनी गतिविधियों को जारी रखने के लिए एलईटी ने इस संगठन का गठन किया था। एलईटी के आतंकियों ने ही 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में हमला किया था, जिसमें कई विदेशियों समेत 166 लोग मारे गए थे।

अमेरिका ने जून, 2014 में उसे विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था। अमेरिका ने 2012 में ही एलईटी सरगना हाफीज सईद को वैश्विक आतंकी घोषित किया था। साथ ही उस पर एक करोड़ डॉलर (70 करोड़ रुपये) का इनाम भी घोषित किया था।

भारत को जवाब देने के लिए सेना को छूट : इमरान

बैठक में इमरान खान ने सेना को पूरी छूट भी दी। खान ने कहा कि अगर भारत की तरफ से किसी भी तरह की कार्रवाई होती है तो सेना को उसका जवाब देने की छूट है। पुलवामा हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हमले का बदला लेने के लिए सुरक्षा बलों को पूरी छूट दे दी गई है।

बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया है कि खान ने कहा कि पाकिस्तान सरकार यह दिखाना चाहती है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। बयान में एक बार फिर पुलवामा हमले में पाकिस्तान की किसी भी तरह की भूमिका से इन्कार किया गया है।


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