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पाकिस्तान पर आई बड़ी मुसीबत, इस वजह से 10 हफ्ते में हो जाएगा कंगाल!

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 29 , 2018 , 18:30 IST

पाकिस्तान की अर्थव्यस्था लड़खड़ाती नजर आ रही है। पाकिस्तानी मुद्रा अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार अपना मूल्य खो जा रही है। एक पाकिस्तानी रुपये की कीमत 120 रुपये तक चली गई है। फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक पाकिस्तान के पास जितनी विदेशी मुद्रा है वो 10 हफ़्तों की आयात के बराबर है। इसके बाद पाकिस्तान का खजाना खाली हो जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार विदेशों में नौकरी कर रहे पाकिस्तानी देश में जो पैसे भेजते थे उसमें भी गिरावट आई है। इसके साथ ही पाकिस्तान का आयात बढ़ा है और चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर में लगी कंपनियों को भारी भुगतान के कारण भी विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो रहा है। चीन पाकिस्तान कॉरिडोर 60 अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी परियोजना है।

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पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार आर्थिक संकट से उबरने के लिए पाकिस्तान सरकार चीन से करीब 68-135 अरब रुपए कर्ज लेने जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो इस साल जून में पाकिस्तान चीन का 5 अरब डॉलर का कर्जदार हो जाएगा। आर्थिक रूप से परेशान पाकिस्तान की स्थिति इस बात से समझी जा सकती है कि पिछले साल मई में उसके पास 16.4 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा भंडार था जो बीते हफ्ते कम होकर 10.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

दरअसल अमेरिका ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को आर्थिक सहायता देना बंद कर दिया है। इसकी वजह से आर्थिक रूप से पाकिस्तान कमजोर हो चुका है। पाकिस्तान के चालू खाते भी लगातार घाटे में हैं। इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार में भी भारी गिरावट आई है। इसकी वजह से पाकिस्तान कंगाल होने के कगार पर पहुंच चुका है।

आपको बता दें कि जुलाई महीने में वहां आम चुनाव होने जा रहे हैं। इसकी वजह से पैसों की जरुरत पाकिस्तान को और पड़ेगी। बताया जा रहा है कि पैसे के अभाव में पाकिस्तान की कई योजनाओं पर ताला लग चुका है। इसलिए पाकिस्तान अपने करीबी दोस्त चीन की शरण में है।

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विश्व बैंक ने अक्टूबर महीने में पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि उसे कर्ज भुगतान और करंट अकाउंट घाटे को पाटने के लिए इस साल 17 अरब डॉलर की जरूरत पड़ेगी। पाकिस्तान का तर्क था कि विदेशों में बसे अमीर पाकिस्तानियों को अगर अच्छे लाभ का लालच दिया जाए तो वो अपने देश की मदद कर सकते हैं। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के एक अधिकारी ने फाइनेंशियल टाइम्स से कहा था कि अगर प्रवासी पाकिस्तानियों को अच्छे लाभ का ऑफर दिया जाएगा तो देश में पैसे भेजेंगे।

आईएमएफ के अनुसार पाकिस्तान पर क़र्ज़ का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। 2009 से 2018 के बीच पाकिस्तान पर विदेशी क़र्ज़ 50 फ़ीसदी बढ़ा है। 2013 में पाकिस्तान को आईएमएफ़ ने 6.7 अरब डॉलर का पैकेज दिया था।


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