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पिंगली वेंकैया ने तैयार किया किया था 'तिरंगे' का डिजाइन, जानें पूरी कहानी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 2 , 2018 , 12:35 IST

भारत के राष्ट्रीय ध्वज का डिजाइन बनाने वाले पिंगली वेंकैया का आज 142वां जन्मदिन है। पिंगली वेंकैया एक स्वतंत्रता सेनानी, सच्चे देशभक्त और कृषि वैज्ञानिक थे। पिंगली वेंकैया 1916 में पहली बार देश के लिए एक ऐसा झंडा बनाने का संकल्प किया जिसमें देश को एक सूत्र में बांध सकें। साल 1921 में उन्होंने झंडे का फाइनल डिजाइन तैयार कर लिया। 

पिंगली वेंकैया का जन्म 2 अगस्त को 1876 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में हुआ था। पिंगली ने उर्दू, संस्कृत और जापानी भाषा का अध्ययन किया था। इसके अलावा उन्हें भूविज्ञान और कृषि क्षेत्र में काफी रुचि थी। साल 1899 से 1902 के बीच पिंगली ने साउथ अफ्रीका के 'बायर' युद्ध में भाग लिया। इसी बीच उनकी महात्मा गांधी से मुलाकात हुई। पिंगली उनके विचारों से काफी प्रभावित हो गए।

भारत में प्रत्येक नागरिक को हर दिन तिरंगा फहराने का अधिकार दिलाने वाले पू्र्व सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल ने पिंगली वेंकैया के जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

पिंगली वेंकैया ने 1916 के बाद करीब 5 सालों के अध्ययन के बाद तिरंगे का डिजाइन तैयार किया था। पिंगली वैंकेया ने पहले हरे और लाल रंग का इस्तेमाल करते हुए एक झंडा तैयार किया था, जिसे सबकी सहमति नहीं मिली थी। इसके बाद उन्होंने एक ऐसा ध्वज तैयार किया, जिसमें केसरिया, सफेद और हरे रंग की पट्टियां थीं। इसे सभी की सहमति मिल गई।

2004 में मिला अधिकार

आपको बता दें कि 23 जनवरी 2004 को सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक कोर्ट के फैसले के बाद से देश के हर आम आदमी को तिरंगा फहराने का अधिकार प्राप्त हुआ था। पूर्व सांसद व इंडस्ट्रलिस्ट नवीन जिंदल ने अपना तिरंगा फहराने की इजाजत पाने के लिए कोर्ट का रूख किया था। अपने राष्ट्रीय ध्वज के लिए नवीन जिंदल  को अकेले लड़ाई लड़नी पड़ी थी। 1992 में भारत में पहले बार नवीन जिंदल ने अपने कारखाने में तिरंगा फहराया था।

नवीन जिंदल ने लड़ी लंबी लड़ाई

जिला प्रशासन ने ऐसा करने मना किया। जिसके बाद नवीन जिंदल खुद और भारत के नागरिकों को अपने राष्ट्र ध्वज को निजी तौर पर फहराने के अधिकार को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अपना ये अधिकार पाने के लिए उनको काफी संघर्ष करना पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने 23 जनवरी 2004 को फैसला सुनाया कि राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराना हर व्यक्ति का अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भारत सरकार ने फ्लैग कोड में संशोधन कर भारत के सभी नागरिकों को किसी भी दिन राष्ट्र ध्वज को फहराने का अधिकार दिया गया। नवीन जिंदल के प्रयास के बाद ही आज सभी को अपना तिरंगा फहराने का अधिकार मिला है।


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