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हे छठी मईया: आज दिया जाएगा ढलते सूर्य को अर्घ्य, जानें क्या है शुभ मुहूर्त

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अक्टूबर 26 , 2017 , 11:32 IST

लोक आस्था और सूय उपासना के महापर्व छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान का गुरुवार को तीसरा दिन है। पर्व के तीसरे दिन शाम को व्रतधारी जलाशयों में पहुंचकर अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्र्य देंगे। इस त्योहार में श्रद्धालु इसके तीसरे दिन डूबते सूर्य को और चौथे और अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्ध्य देते हैं। वहीं, आस्था इस छठ महापर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।

अर्घ्य देने का शुभ समय

सायंकालीन अर्घ्य- 26 अक्टूबर (गुरुवार)

सायंकालीन अर्घ्य का समय :- सांय काल 05:40 बजे से शुरू

प्रात:कालीन अर्घ्य: 27 अक्टूबर (शुक्रवार)

प्रात:कालीन अर्घ्य का समय: प्रात: 6.28 बजे से शुरू

पूजन-सामग्री में क्या-क्या है जरूरी

-बांस या पितल की सूप

-बांस से बने दौरा, डलिया और डगरा

-पानी वाला नारियल

-पत्ता लगा हुआ गन्ना

-सुथनी

-शकरकंदी

-हल्दी और अदरक का पौधा

-नाशपाती

-बड़ा नींबू, समेत कई पूजन सामग्री शामिल हैं।

Chath-vrati

दूसरे दिन यानि बुधवार को व्रतियों ने दिनभर उपवास रखकर शाम को 'खरना' किया। व्रतधारियों ने सूर्यास्त के बाद गुड़ और दूध की बनी खीर औक रोटी बनाकर प्रसाद स्वरूप भगवान भास्कर की पूजा की और उन्हें भोग लगाया। खरना के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ हो गया। खरना के मद्देनजर गंगा तटों पर व्रती बड़ी संख्या में जुटे। व्रतियों ने स्नान कर मिट्टी के बने चूल्हे में आम की लकड़ी जलाकर गुड़, दूध और चावल की बनी खीर और रोटी बनाकर भगवान भास्कर की पूजा की और खरना किया। श्रद्घालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की।

खरना के बाद आसपास के लोगों और रिश्तेदारों ने भी व्रतियों के घर पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। इस त्योहार के पहले दिन को 'नहाय-खाय' के रूप में मनाया जाता है, जिसमें व्रती लोग स्नान के बाद पारंपरिक पकवान तैयार करते हैं।

गौरतलब है कि कई लोग जहां गंगा के तट पर या जलाशयों के किनारे खरना करते हैं, वहीं कई लोग अपने घर में ही विधि-विधान से खरना करते हैं। खरना को कई क्षेत्रों में 'लोहड़ा' भी कहा जाता है।

वहीं, दूसरी तरफ छठ पर्व को लेकर पूरे बिहार का माहौल भक्तिमय हो गया है। पटना सहित बिहार के शहरों से लेकर गांवों तक में छठी मइया के कर्णप्रिय और पारंपरिक गीत गूंज रहे हैं। छठ को लेकर सभी क्षेत्रों में सफाई की गई है और रोशनी की पुख्ता व्यवस्था की गई है।

इधर, छठ को लेकर पटना के गंगा तट पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। इस वर्ष पटना के करीब 100 गंगा घाटों और 45 तालाबों पर व्रतधारी भगवान भास्कर को अघ्र्य देंगे।

पटना के गंगा तटों की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है और पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अलावा दो दिनों तक गंगा में निजी नौका के परिचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

आपको बता दें कि मंगलवार को 'नहाय-खाय' के साथ चार दिनों तक चलने वाला लोक आस्था का महापर्व छठ प्रारंभ हुआ है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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