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बीजापुर में बोले मोदी, गरीब का बेटा अगर आज पीएम है तो ये बाबा साहेब की देन है

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 14 , 2018 , 16:22 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के बीजापुर पहुंचे। वहां उन्होंने 'आयुष्मान भारत' योजना के तहत देश के पहले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरणपादुका भी वितरित की।

चरणपादुका वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपने हाथों से एक हितग्राही महिला रत्नी बाई को चरणपादुका पहनाई। इस योजना का उद्देश्य उन लोगों को चप्पलें मुहैया कराकर सहूलियत देना है जो जंगल में तेंदुपत्ता बीनने का काम करते हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार की कई परियोजनाओं की आधारशीला रखी।

पीएम मोदी ने इस मौके पर कई बातें कहीं। उन्होंने कहा- ”अगर बीजापुर में 100 दिनों में विकास हो सकता है तो बाकी के जिलों में ऐसा क्यों नहीं हो सकता? मैं यहां सभी परियोजनाओं के साथ आप लोगों को आश्वस्त करने आया हूं कि अब बीजापुर को पिछड़ा जिला नहीं माना जाएगा।”

पीएम ने वन धन योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अपना भाषण शुरू करते हुए पीएम ने कहा- बस्तर और बीजापुर के आसमान में बाबासाहब के नाम की गूंज आप सभी को धन्य कर रही है। बाबा साहब के नाम में जो आशा जुड़ी है उसको भी मैं प्रणाम करता हूं।”

उन्होंने कहा- ”विकास की दौड़ में पीछे छूट गए और पीछे छोड़ दिए गए समुदायों में आज जो चेतना जागी है, वो चेतना बाबा साहब की ही देन है। एक गरीब मां का बेटा, पिछड़े समाज से आने वाला आपका ये भाई अगर आज देश का प्रधानमंत्री है, तो ये भी बाबा साहब की ही देन है।” उन्होंने कहा कि ”केंद्र की आपकी सरकार, आपकी आशाओं-आकांक्षाओं, आपकी लालसाओं के साथ खड़ी है।

स्वतंत्रता के बाद, इतने वर्षों में भी ये जिले पिछड़े बने रहे, इसमें उनकी कोई गलती नहीं।

पीएम ने कहा- ”मैं आज इसलिए आया हूं, ताकि आपको बता सकूं कि जिनके नाम के साथ पिछड़ा जिला होने का लेबल लगा दिया गया है, उनमें अब नए सिरे से, नई सोच के साथ बड़े पैमाने पर काम होने जा रहा है। मैं इन 115 आकांक्षात्मक जिले को महत्वाकांक्षी जिले कहना चाहता हूं।”

पीएम ने आगे कहा आज इस मंच से देश में सामाजिक असंतुलन खत्म करने वाली ऐतिहासिक और सबसे बड़ी आयुष्मान भारत योजना के प्रथम चरण की शुरुआत की जा रही है। जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों में बड़े बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा। देश की हर बड़ी पंचायत में, लगभग डेढ़ लाख जगहों पर सब सेंटर और प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।


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