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राज्यसभा सदस्यों की विदाई पर बोले PM मोदी- सदन के दरवाजे बंद हुए हैं, मेरे दफ्तर के नहीं

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 28 , 2018 , 12:22 IST

राज्यसभा में सदन से सेवानिवृत्त हो रहे 40 सांसदों के विदाई के मौके पर पीएम मोदी ने राज्यसभा में भाषण में सबसे पहले सासंदों के उत्तम सेवाओं और योगदान के लिए शुभकामनाएं दी। मोदी ने कहा कि यह सदन उन वरिष्ठ महानुभावों का है, जिनका अनुभव सदन को अच्छा बनाता है। बता दें कि सदन से 40 सांसद का कार्यकाल मार्च-अप्रैल में खत्म हो रहा है।

विदाई स्पीच में हंगामे पर प्रहार करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर सांसद सोचता है कि मैं अपने कार्यकाल में कोई खास मुद्दा उठाकर जाऊं, जो हमेशा याद रखा जाए। लेकिन इस सत्र में यह मौका हाथ से छूट गया।

तीन तलाक जैसे मुद्दे पर बहस में शामिल होने से आप लोग वंचित रह गए। मैं चाहता हूं कि आप ऐसा न सोचें कि इस सदन से जाने के बाद आपके लिए दरवाजे बंद हो गए। जब भी मौका मिले मेरे पास आएं, मैं आपके विचारों को समझूंगा।

पीएम ने जहां प्रफेसर कुरियन जैसे सदस्यों की विदाई के फेयरवेल संबोधन में जहां उनके कामों को याद किया वहीं उनपर तंज कसने का मौका भी नहीं चूके। पीएम ने कहा कि हम में से कुछ साथी अब इस अनुभव को लेकर समाजसेवा की अपनी भूमिका को और मजबूत करेंगे।

मोदी ने कहा हममे से कुछ साथी अब इस अनुभव को लेकर समाजसेवा की अपनी भूमिका को और मजबूत करेंगे। पीएम ने सदस्यों में कुरियन के अलावा दिलीप टर्की और सचिन का जिक्र और कहा कि उनकी कमी सदन में खलेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि प्रफेसर कुरियन और उनकी मुस्कुराहट ने संकट की घड़ी में भी सदन को चलाने में अहम भूमिका निभाई। पीएम ने कहा कि , 'बहुत लोग होंगे जिनकी आखिरी सत्र में इच्छा रही होगी कि वह कुछ ऐतिहासिक भाषण के साथ विदाई लें, लेकिन जाते-जाते यह सौभाग्य आप लोगों को नहीं मिले।

उसके लिए हम सभी की जिम्मेदारी है। अच्छा तो यह होता कि जाने से पहले आपको महत्वपूर्ण निर्णय में उत्तम प्रकार की निभाकर कोई उत्तम चीजें छोड़कर जाने का अवसर मिल गया होता, तो आपको विशेष संतोष होता।

पीएम मोदी ने कहा कि कल तक लग रहा था कि जाने वाले सदस्यों को अपनी भावनाएं प्रकट करने का मौका नहीं मिल पाएगा। पीएम ने कहा कि इसके लिए चेयरमैन ने काफी मेहनत की, सबको साथ लेने का प्रयास किया।

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पीएम ने कहा कि इसके बावजूद ऐतिहासिक पलों में हिस्सेदारी निभाने से कुछ सदस्य चूक गए। पीएम ने ट्रिपल तलाक बिल का जिक्र करते हुए कहा कि ये सदस्य इस ऐतिहासिक निर्णय का हिस्सा नहीं बन पाए। उसकी कुछ न कुछ कसक आज नहीं तो 20-25 साल बाद जरूर रहेगी।


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