नेशनल

मन की बात में बोले मोदी- नारी सशक्त है सशस्त्र बन रही है

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1420
| सितंबर 30 , 2018 , 11:29 IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित होने वाले अपने 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का यह 48वां संस्करण है। पीएम मोदी ने देश के बहादूर सैनिकों के बारे में बात की। पीएम ने आतंकवाद पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बात करते हुए सेना के जवानों को सलाम किया। पीएम ने कहा कि पाक पर किए सार्जिकल स्ट्राइक के 2 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों ने 29 सितंबर को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया।

उन्होंने कहा कि हमारे अब यह तय हो चुका है कि हमारे सैनिक उन सबको मुंहतोड़ जवाब देंगे जो हमारे राष्ट्र में शांति और उन्नति के माहौल को नष्ट करने का प्रयास करेंगे। जो हमारे देश की शांति को भंग करने की कोशिश करते हैं उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे। भारत हमेशा शांति पसंद रहा है लेकिन देश की संप्रभुता को दांव पर लगाकर हम ऐसा बिल्कुल नहीं करेंगे।

पीएम ने कहा- नवरात्रि, दुर्गापूजा और विजयादशमी जैसे पवित्र पर्वों के लिए मैं आप सब को हृदयपूर्वक बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

31 अक्तूबर सरदार साहब की जयंती है। मैं अगली 'मन की बात' में विस्तार से बात करूंगा। मैं आप सब से आग्रह करता हूं कि 31 अक्तूबर को '#RunforUnity' के ज़रिये समाज के हर वर्ग को, देश की हर इकाई को एकता के सूत्र में बांधने के हमारे प्रयासों को हम बल दें और यही उनके लिए अच्छी श्रद्धांजलि होगी।

पीएम ने कहा- अक्तूबर महीना हो, जय प्रकाश नारायण जी की जन्म-जयन्ती हो, राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की जन्म शताब्दी वर्ष का प्रारंभ होता हो, ये सभी महापुरुष हम सब को प्रेरणा देते रहे हैं उनको हम नमन करते हैं: PM मोदी

आज राष्ट्रीय स्तर पर मानव अधिकार के काम के साथ-साथ 26 राज्यों में मानव अधिकार आयोग भी गठन किया है। एक समाज के रूप में हमें मानव अधिकारों के महत्व को समझने और आचरण में लाने की आवश्यकता है - ये ही 'सब का साथ - सब का विकास' का आधार है: PM

डॉ. बाबा साहब आम्बेडकर द्वारा दिए गए संविधान में ग़रीबों के मूल अधिकारों की रक्षा के लिए कई प्रावधान किये गए हैं। आम्बेडकर के विजन से प्रेरित होकर 12 अक्तूबर 1993 को 'राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग' यानी #NHRC का गठन किया गया था।


गाँधी जी के इस जंतर को याद करते हुए आने वाले दिनों में हम जब भी कुछ खरीद करें, तब हम जरुर देखें कि हमारी हर खरीदी में किसी-न-किसी देशवासी का भला होना चाहिए। विशेष अवसरों पर खादी और हैंडलूम के उत्पाद खरीदने के बारे में सोचें. इससे अनेक बुनकरों को मदद मिलेगी।

पिछले दिनों नेवी के हमारे एक अधिकारी अभिलाष टॉमी अपने जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे। मैंने अभिलाष से टेलीफोन पर बात की। इतने संकट से बाहर आने के बाद भी उनका जो ज़ज्बा था, हौसला था और फिर एक बार ऐसा ही कुछ पराक्रम करने का जो संकल्प उन्होंने बताया, देश की युवा-पीढ़ी के लिए वो हमारे देश की युवा-पीढ़ी को ज़रूर प्रेरणा देगी।

8 अक्टूबर को हम वायुसेना दिवस मनाते हैं। 1932 में छह पायलट और 19 वायु सैनिकों के साथ एक छोटी सी शुरुआत से बढ़ते हुए हमारी वायुसेना आज 21वीं सदी की सबसे साहसिक और शक्तिशाली एयर फोर्स में शामिल हो चुकी है। यह अपने आप में एक यादगार यात्रा है: PM मोदी

भारत सदा ही शांति के प्रति वचनबद्ध और समर्पित रहा है. 20वीं सदी में दो विश्वयुद्धों में हमारे एक लाख से अधिक सैनिकों ने शांति के प्रति अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। आज भी UN की अलग-अलग पीस कीपिंग फोर्सेज में भारत सबसे अधिक सैनिक भेजने वाले देशों में से एक है।


कमेंट करें