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गरीब और पिछड़ों को मिला मुद्रा योजना का सबसे ज्यादा लाभ, देखें रिपोर्ट

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 29 , 2018 , 12:58 IST

केन्द्र सरकार के 4 साल पूरा होने के बाद पीएम मोदी ने एक तरफ मुद्रा योजना का रिपोर्ट कार्ड पेश किया तो दूसरी तरफ लोगों से स्कीम से जुड़ने का भी आह्वान किया। मोदी ने कहा, 'जब हुनर को प्रोत्साहन मिलता है तो उसे और बढ़त मिलती है।

मान लीजिए किसी हैंडलूम वाले को मुद्रा लोन मिलता है तो वह अपने कारोबार को बढ़ाएगा और डिजाइनर कपड़ो तक का प्रॉडकशन शुरू कर सकता है। मान लीजिए कोई माली दूसरे के बगीचे में काम करता था, उसे यदि मुद्रा योजना जैसी स्कीम से कुछ लाभ मिल जाए तो वह अपनी नर्सरी शुरू कर सकता है।'

मोदी का कांग्रेस पर तंज-:

मुद्रा योजना के लाभार्थ‍ियों से वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग करते हुए मोदी बोले कि पिछली सरकारों में लोन उनको मिलती थी, जिसकी पहचान होती थी। पिछली सरकारों में सीएम या वित्‍त मंत्री खुद फोन कर अपने पसंद के उद्यमियों को लोन दिलवाते थे।

पीएम के अनुसार इस देश में एक ऐसा समय था ,जब वित्त मंत्री खुद फोन कर के बड़े उद्योगपतियों को लोन दिलवाने के लिये क्या कुछ नही करते थे, दूसरी तरफ एक छोटा उद्यमी साहूकारों का ब्याज देने के चक्कर में पूरी जिंदगी ब्याज के कर्ज में डूब जाता था। मुद्रा योजना ने ब्याजखोर लोगों से देश के युवा लोगों को बचाया है।

55 फीसदी लोन बांटे गए दलितों समाज को -:

मोदी बोले कि पिछली सरकारों में राजनीतिक फायदों के लिए चलते थे लोन मेले। हम छोटे उद्यमियों को भी लोन देने के लिए मुद्रा योजना लेकर आए। मुद्रा योजना से आम लोगों के हुनर को पहचान मिली। मुद्रा योजना के 12 करोड़ लोगों में से 55% लोन देश के SC/ST/OBC समाज के युवाओं और महिलाओं को मिला है। मुद्रा योजना के तहत 6 लाख करोड़ रुपये लोन दिए गए।

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बड़े लोग भाग जाते हैं पैसे लौटाते हैं गरीब-:

अपने संबोधन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने मुद्रा स्कीम का लाभ उठाने वाले कुछ लोगों के अनुभव भी सुने। उन्होंने मुद्रा स्कीम के तहत लोन मिलने से पहले और उसके बाद के अनुभव लोगों से जाने।

यही नहीं गुजरात के एक लाभार्थी हरिभाई से उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या आप बैंक के समय पर लौटा रहे हैं। इस पर हरिभाई के हां बोलने पर कहा कि यह सबको पता चलना चाहिए कि बड़े लोग तो लोन लेकर भाग जाते हैं, लेकिन गरीब लोग ऐसा नहीं करते।

लाभ लेने वालों से पीएम मोदी ने की बात-:

इसके तहत कागजी प्रक्रिया को भी आसान रखा गया है ताकि लोगों को डॉक्युमेंट्स की समस्या न हो। पैसे लेकर मार जाने वालों से अविश्वास पैदा होता है, लेकिन आप वे लोग हैं, जिन्होंने पाई-पाई से आगे बढ़ने का काम किया है।

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इस दौरान नरेंद्र मोदी ऐप पर ऐसे कुछ लाभार्थियों के बारे में एक विडियो के जरिए जानकारी दी गई, जिन्होंने मुद्रा स्कीम के जरिए अपने कारोबार को मजबूती दी। इसके बाद उन्होंने मुद्रा योजना से लाभ हासिल करने वाले लोगों से सीधी बातचीत भी की।

जानें क्या है मुद्रा योजना...?

इस योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को नरेंद्र मोदी ने की थी। इसमें छोटे कारोबारियों को 10 लाख रुपए तक का कर्ज दिया जाता है।

इसमें तीन तरह के कर्ज दिए जाते हैं। शिशु ऋण, किशोर ऋण, तरुण ऋण। शिशु ऋण के तहत 50 हजार रुपए तक ऋण दिए जाते हैं। किशोर ऋण की सीमा 50 हजार से 5 लाख रुपए तक है। तरुण ऋण के तहत 5 लाख से 10 लाख रुपए तक कर्ज दिया जाता है। सरकार का दावा है कि इस योजना के तहत अभी तक 12 करोड़ लोगों को लाभ दिया जा चुका है।


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