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नायडू की बुक लॉन्चिंग में बोले मोदी, अनुशासन की बात करने पर विपक्ष 'तानाशाह' कहता है

जितेन्द्र कुमार, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 2 , 2018 , 17:48 IST

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल एक साल का हो गया है। इस अवसर पर उनकी किताब मूविंग ऑन...मूविंग फॉरवर्ड: ए ईयर इन ऑफिस ( Moving On… Moving Forward: A Year in Office) का विमोचन किया गया। वेंकैया नायडू की बुक लॉन्चिंग के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा, मनमोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली भी उपस्थित रहे। पीएम मोदी ने किताब का विमोचन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किताब का अनावरण करते हुए वेंकैया नायडू की खूब तारीफ की। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एक बार अटल बिहारी वाजपेयी, वेंकैया नायडू को मंत्री पद सौंपना चाहते थे। वेंकैया नायडू ने कहा कि मैं ग्रामीण विकास मंत्रालय का पद लेना चाहता हूं। इससे ये पता चलता है कि वे दिल से किसान हैं, किसान उनके दिल में बसता है। वे किसानों और कृषि के कल्याण के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।

पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू की किताब के विमोचन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों में ही विपक्ष और खासतौर से कांग्रेस पर तंज कसा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुशासन की बात कीजिए तो आजकल आपको अलोकतांत्रिक, 'तानाशाह' भी कह दिया जाता है।

उपराष्ट्रपति की प्रशंसा करते हुए पीएम ने आगे कहा कि नायडू अनुशासन का पालन करने वाले व्यक्ति हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सदन जब ठीक से चलता है तो चेयर पर कौन बैठा है, उसमें क्या क्षमता है, क्या विशेषता है, उस पर ज्यादा लोगों का ध्यान नहीं जाता है। सदस्यों के विचार ही आगे रहते हैं, लेकिन जब सदन नहीं चलता है तो चेयर पर जो व्यक्ति होता है उसी पर ध्यान रहता है। वह कैसे अनुशासन ला रहे हैं, कैसे सबको रोक रहे हैं और इसलिए गत वर्ष देश को वेंकैया नायडू को निकट से देखने का सौभाग्य मिला।

मनमोहन सिंह ने शायराना अंदाज में किया तारिफ

किताब की लॉन्चिंग के अवसर पर देश के पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने उपराष्ट्रपति के काम की तारीफ करते हुए शायराना अंदाज भी दिखा। उन्होंने कहा कि, 'नायडू ने उपराष्ट्रपति, राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के दफ्तर में काम किया है। यह उनके एक साल के अनुभव में काफी हद तक दिखता है, लेकिन उनका बेस्ट अभी आना बाकी है।' साथ ही उन्होंने कहा कि , 'जैसे एक कवि ने कहा है कि सितारों के आगे जहां और भी है, अभी इश्क के इम्तिहान में और भी हैं।

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम.वेंकैया नायडू ने कहा कि किताब लिखने का विचार सरकार के कार्यो में पारदर्शिता दर्शाने का था। नायडू ने अपनी किताब 'मूविंग ऑन मूविंग फॉरवर्ड : ए ईयर इन ऑफिस' के विमोचन के मौके पर कहा, "इस किताब का विचार लोगों को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करना था क्योंकि मेरा मानना है कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता व जवाबदेही होनी चाहिए।"उन्होने सदन की कार्रवाई पर बात करते हुए कहा कि मैं थोड़ा नाखुश हूं कि संसद में उस तरह कामकाज नहीं चल रहा जिस तरह चलना चाहिए।


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