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पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा- आतंकवाद पर नहीं हुई कोई बात, ठीक करें अपना बयान

icon सतीश कुमार वर्मा | 0
1992
| अगस्त 24 , 2018 , 19:16 IST

अमेरिका और पाकिस्तान के खराब रिश्ते में एक नई तल्खी आ गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो द्वारा प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ फोन पर बातचीत के दौरान आतंकवाद का मुद्दा उठाए जाने से पाकिस्तान भड़क गया है। उसने अमेरिका द्वारा जारी बयान को तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए उसमें संशोधन करने की मांग की है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर फैजल ने ट्वीट कर कहा, 'प्रधानमंत्री इमरान खान और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो के बीच फोन पर हुई बातचीत को लेकर यूएस स्टेट डिपार्टमेंट की ओर से जारी बयान गलत है। दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई चर्चा के दौरान पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के संचालन के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई।' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को अपने दिए बयान में सुधार करना चाहिए।

दूसरी तरफ, अमेरिका अपने रुख पर कायम है। हीदर नॉर्ट ने कहा कि पॉम्पियो और खान के बीच बातचीत अच्छी रही। अमेरिका इस सिलसिले में पहले जारी बयान पर पूरी तरह कायम है।

अमेरिका ने बयान में क्या कहा ?

इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हीथर नोआर्ट ने एक बयान जारी किया था, जिसमें कहा गया था, 'विदेश मंत्री माइकल आर. पॉम्पियो ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से बात की और उनकी सफलता की कामना की। पॉम्पियो ने द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में नई सरकार के साथ काम करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। पॉम्पियो ने पाकिस्तान में संचालित हो रहे सभी आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की भी मांग की। साथ ही, अफगानिस्तान की शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देने में पाक की अहम भूमिका का भी मुद्दा उठाया।' हालांकि यूएस के इस दावे का पाकिस्तान खंडन कर रहा है।

सितंबर में पाकिस्तान जाएंगे पॉम्पियो

पाकिस्तानी मीडिया की खबर के अनुसार पॉम्पियो सितंबर के पहले हफ्ते में इस्लामाबाद के दौरे पर जा सकते हैं। वह नव निर्वाचित पीएम से बातचीत करेंगे।

बता दें कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच रिश्ते सामान्य नहीं है। जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद पर झूठ बोलने और धोखा देने के साथ ही आतंकियों को सुरक्षित पनाह देने का आरोप लगाया था। अमेरिकी कांग्रेस ने एक बिल पास करके पाकिस्तान की सैन्य सहायता राशि को प्रति वर्ष एक बिलियन से घटाकर डॉलर 150 मिलियन कर दिया था।


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सतीश कुमार वर्मा

लेखक न्यूज वर्ल्ड इंडिया में वेब जर्नलिस्ट हैं

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