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कानून मंत्री ने न्यायपालिका को दी नसीहत, कहा- सरकार हमें चलाने दें

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 23 , 2017 , 09:11 IST

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि न्यायपालिका को चाहिए कि वह गवर्नेंस का काम उन लोगों पर छोड़ दे, जिन्हें खुद लोगों ने इसके लिए चुना है। शुक्रवार को एनएचआरसी के कार्यक्रम में बोलते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'गवर्नेंस का काम उन पर छोड़ देना चाहिए गया है, जिन्हें जनता ने उसके लिए चुना है।'

न्यायपालिका को दी लक्ष्मण रेखा नहीं लांघने की नसीहत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि,

मैं कुछ अदालतों की शासन की जिम्मेदारी संभालने की प्रवृति देख रहा हूं। इस रवैये पर चिंतन की जरूरत है। उन्हें अपनी शक्तियों के लिए जवाबदेही का सामना करना होगा। शासन की जिम्मेदारी उनकी होनी चाहिए जो शासन के लिए निर्वाचित हुए हैं

जज की नियुक्ति को ले सरकार और न्यायपालिका आमने-सामने

कानून मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया जब न्यायपालिका और सरकार में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए मेमोरेंडम प्रॉसेस को अंतिम रूप देने को लेकर मतभेद है। केंद्रीय मंत्री ने जिस समय यह टिप्पणी की, उस समय वहां पर आयोग के प्रमुख और पूर्व प्रधान न्यायाधीश एच एल दत्तू भी मौजूद थे।

मंत्री ने कहा कि न्यायपालिका को ऐसा कोई भी कानून निरस्त कर देना चाहिए जो असंवैधानिक हो और उसे ऐसा कोई भी आदेश निरस्त कर देना चाहिए जो एकतरफा हो। लेकिन दूसरी तरफ गवर्नेंस का जिम्मा उनके ऊपर छोड़ देना चाहिए, जिन्हें इसके लिए ही चुना गया है।


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