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प्रशांत किशोर का दावा: 2019 में BJP को 272 सीट मिलना मुश्किल, नहीं रहेगी 2014 की लहर

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 11 , 2018 , 14:07 IST

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में 2014 जैसा माहौल नहीं बन सकता। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा भाजपा के जीतने की संभवना सबसे ज्यादा है, लेकिन डिजिटल दुनिया ने सब कुछ बदल दिया है। अब लोग सच्चाई के साथ पेश की गई चीजों को देखना चाहते हैं। आप सपने नहीं बेच सकते। इसलिए मुझे नहीं लगता कि इस बार कोई लहर बन पाएगी।

प्रशांत ने कहा- 2019 में भाजपा को 272 से ज्यादा सीटें मिलना मुश्किल

देश में अच्छे दिन के बारे में प्रशांत किशोर ने कहा, "इसका जवाब तो लोग देंगे, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वैसा माहौल अब बन पाएगा। चीजें बदल गई हैं। इस तरह का माहौल नहीं बनने पर उम्मीदवारों पर जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

प्रशांत ने कहा, "‘अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को 272 से ज्यादा सीटें मिलना मुश्किल है। हमारे देश में सत्तर प्रतिशत लोग दिन में 100 रुपए भी नहीं कमा पा रहे। उनके दिमाग को पढ़ना मुश्किल है। वे जो कहते हैं उसे आप हमेशा सच नहीं मान सकते। यही कारण है कि चुनाव के नतीजे कई बार चौंकाने वाले होते हैं।

प्रशांत ने कहा, "‘अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को 272 से ज्यादा सीटें मिलना मुश्किल है। हमारे देश में सत्तर प्रतिशत लोग दिन में 100 रुपए भी नहीं कमा पा रहे। उनके दिमाग को पढ़ना मुश्किल है। वे जो कहते हैं उसे आप हमेशा सच नहीं मान सकते। यही कारण है कि चुनाव के नतीजे कई बार चौंकाने वाले होते हैं। भाजपा की जगह जदयू में शामिल होने के सवाल पर प्रशांत ने कहा, "‘मैं बिहार में काम करने के लिए जदयू में शामिल हुआ। मैं नीतीश कुमार के काम को पसंद करता हूं। जदयू एक छोटी पार्टी है। मैं उनकी विचाराधारा से खुद को जुड़ा महसूस करता हूं।

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट को फैसला करना चाहिए

201 9 के चुनावों में गठबंधन के महत्व पर उन्होंने कहा, "‘भाजपा गठबंधन का मुख्य दल है। अगर आज चुनाव हुए तो वह सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर अगुआई करेगा। हम 10-12 दिन में जीत या हार सकते हैं। इसलिए अभी चुनाव के बारे में सोचना जल्दबाजी होगी। राम मंदिर मुद्दे पर उन्होंने कहा, "‘चुनाव के दौरान पार्टियां किसी ऐसे मुद्दे को बीच में रखना चाहती हैं, जिससे उन्हें लाभ मिल सके। मैं जदयू में नया हूं, लेकिन जहां तक पार्टी का सवाल है तो हम सब मानते हैं कि इस पर सुप्रीम कोर्ट को फैसला करना चाहिए। इसके बाद हर किसी को इसका सम्मान करना चाहिए।’’


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