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राष्ट्रपति ने कहा- देश की सेवा करना हमारा परम कर्तव्य है | पढ़ें 10 बड़ी बातें

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| जनवरी 25 , 2018 , 20:08 IST

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या को देश को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश को योगदान देने वालों को नमन।

राष्ट्रपति के भाषण की बड़ी बातें:

-राष्ट्रपति ने कहा, आज लोकतांत्रिक मूल्यों को नमन करने का दिन, देश के लोगों से लोकतंत्र बनता है।

-हमारे नागरिक केवल गणतंत्र के निर्माता और संरक्षक ही नहीं हैं बल्कि वे ही इसके आधार सतंभ हैं।

-देश के लिए बहुत कुछ करना बाकि, देश की सेवा करना हमारा परम कर्तव्य है।

-हम सभी को बेहतर देश बनाने के लिए कार्य करना है। -रामनाथ कोविंद ने कहा- हमारे संविधान निर्माता दूरदर्शी थे, उन सबके कठिन संघर्ष से हमें आजादी मिली है।

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-राष्ट्रपति ने कहा, महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सरकार कानून लागू कर सकती है और नीतियां भी बना सकती है।

-राष्ट्र निर्माण करोड़ों छोटे-बड़े अभियानों को जोड़कर बना, एक सम्पूर्ण अभियान है। नागरिकों के चरित्र का निर्माण करना, परिवारों द्वारा अच्छे संस्कारों की नींव डालना, और समाज से अंध-विश्वास तथा असमानता को मिटाना, ये सभी राष्ट्र-निर्माण की दिशा में योगदान हैं।

-राष्ट्रपति ने कहा, इनोवेटिव बच्चे ही एक इनोवेटिव राष्ट्र का निर्माण करते हैं। इस लक्ष्य को पाने के लिए हमें एक जुनून के साथ, जुट जाना चाहिए। हमारी शिक्षा-प्रणाली में, रटकर याद करने और सुनाने के बजाय, बच्चों को सोचने और तरह-तरह के प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

-महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सरकार कानून लागू कर सकती है और नीतियां भी बना सकती है, लेकिन ऐसे कानून और नीतियां तभी कारगर होंगे जब परिवार और समाज हमारी बेटियों की आवाज को सुनेंगे। हमें परिवर्तन की इस पुकार को सुनना ही होगा।

-भारत के राष्ट्र निर्माण के अभियान का एक अहम उद्देश्य एक बेहतर विश्व के निर्माण में योगदान देना भी है – ऐसा विश्व, जो मेलजोल और आपसी सौहार्द से भरा हो तथा जिसका अपने साथ, और प्रकृति के साथ, शांतिपूर्ण सम्बन्ध हो। यही ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का सही अर्थ है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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