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मणिपुर : PM मोदी ने किया 'इंडियन साइंस कांग्रेस' का शुभारंभ

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 16 , 2018 , 12:13 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मणिपुर यूनिवर्सिटी में 105वीं इंडियन साइंस कांग्रेस की शुरुआत की। कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 105 साल के इतिहास में यह दूसरी बार है जब उत्तर-पूर्वी राज्यों में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा यह पूर्वोत्तर के विकास भावना का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय विज्ञान कांग्रेस में कहा कि आर एंड डी को राष्ट्र के विकास के लिए अनुसंधान के रूप में फिर से परिभाषित करने का यह श्रेष्ठ समय है।

उन्होंने कहा कि महान साइंटिस्ट स्टीफन हॉकिंग दो बार भारत आए, वो भारत के अच्छे दोस्त थे। उन्होंने कहा कि अच्छे साइंटिस्ट देश के लिए पावर हाउस की तरह हैं।

''यह दूसरा मौका है, जब नॉर्थ-ईस्ट में साइंस कांग्रेस हो रही है। अच्छे साइंटिस्ट देश के लिए पावर हाउस की तरह हैं। इसीलिए आप सभी लोग यहां इकट्ठे हुए हैं। साइंस एंड टेक्नोलॉजी की मदद से लोगों का जीवन आसान हुआ है।''

''1944 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने मणिपुर में रहते हुए आजादी के लिए लड़ाई शुरू की थी। आज साइंस से जुड़े लोगों के बीच वही जज्बा देखने को मिल रहा है। हमने किसानों को मौसम की जानकारी देने के लिए नॉर्थ-ईस्ट समेत देशभर में कई सेंटर बनाए हैं।''

आगे उन्होंने कहा कि विज्ञान का मतलब जिंदगी को बेहतर करना है। विज्ञान के जरिए ही मानवता का विकास संभव है। पीएम मोदी ने कहा कि हमने 'प्रधानमंत्री रिसर्च फेलो' स्कीम की शुरुआत की है। इस स्कीम के तहत देश के जितने बेहतरीन संस्थान हैं, वहां के छात्रों को Ph.D करने के लिए सीधे IIT और IIS जाने की सुविधा होगी। इससे हमारे देश के प्रतिभावना छात्र पढ़ाई के लिए विदेश नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के विकास और भविष्य के लिए यह जरूरी है कि टेक्नोलॉजी का विस्तार तेजी से हो। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और बैंकिंग जैसी सेवाओं को पहुंचाया जा सकता है।

मोदी ने कहा, ''क्लाइमेट चेंज के लिए हमें सतर्क रखने की जरूरत है। हमने नेशनल बांबू मिशन के तहत बांस को घास की कैटेगरी में रखा है। ताकि इसे काटने में किसी को परेशानी न हो।''

''सीवी रमन समेत कई साइंटिस्ट से देश को आगे बढ़ने और समाज के लिए नए चैलेंज लेने की प्रेरणा मिलती है। विज्ञान के जरिए सामाजिक जिम्मेदारी हम सबकी है। मैं देश के साइंटिस्ट से कहना चाहता हूं कि देश के इनोवेटिव टेक्नोलॉजी तलाशें और स्टूडेंट से कहता हूं कि 100 स्टूडेंट, 100 घंटे के लिए एक साथ बैठकर नई खोज करें।''

पीएम ने कहा, ''हमारे साइंटिस्ट ने एक बार में 100 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे हैं, जो देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। हमने लेजर टेक्नोलॉजी में खोज के लिए दुनिया की तीसरी लेजर लैब 'लीबो' के लिए हरी झंडी दी है।''

''अब वक्त आ गया है कि देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट को दोबारा परिभाषित किया जाए। सबके लिए विज्ञान, इसका मतलब है कि समाज के आखिरी व्यक्ति को भी इसका लाभ मिले। उनकी जिंदगी अलग कैसे हो। समाज को आगे बढ़ाने और उनके कल्याण के लिए काम करना चाहिए।''

''अब वक्त आ गया है कि देश को दुनिया में आगे लाकर एक नई पहचान बनाई जाए। मैं सभी साइंटिस्ट के अपील करता हूं कि देश के बेहतर भविष्य के लिए काम करें।''

105वें भारतीय विज्ञान सम्मेलन (इंडियन साइंस कांग्रेस) का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार सुबह 9.30 बजे इंफाल पहुंचे। प्रदेश के सीएम एन. बीरेन सिंह और राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। विज्ञान सम्मेलन का आयोजन मणिपुर यूनिवर्सिटी में किया गया हैं। मोदी राज्य में कई प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे। बता दें कि यहां बीजेपी गठबंधन वाली सरकार के एक साल पूरा होने के अगले दिन प्रधानमंत्री मणिपुर गए हैं।

यहां पीएम मोदी लुवांगशांगबाम स्थित लुवांगपोकपा मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स और इंफाल पश्चिमी जिले में मैरी कॉम बॉक्सिंग एकेडमी में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे।

मोदी 1000 आंगनवाड़ी केंद्र, टीचर और डॉक्टर्स के लिए 19 रेसिडेंशियल कॉम्पलेक्स के अलावा कई अन्य प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे। बाद में लुवांगशांगबम में रैली भी करेंगे।


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