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1.5 करोड़ की घूसखोरी मामले में छत्तीसगढ़ के प्रधान सचिव गिरफ्तार, CBI की पूछताछ जारी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 21 , 2017 , 20:26 IST

सीबीआई ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ सरकार के प्रधान सचिव बी एल अग्रवाल और दो अन्य को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि 1988 बैच के आईएएस अधिकारी अग्रवाल अपने विरूद्ध चल रही सीबीआई जांच को दबाना चाहते थे।

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वह वर्ष 2010 में दर्ज किए गए दो मामलों में सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं। ये मामले तब के हैं जब वह छत्तीसढ़ सरकार में स्वास्थ्य सचिव थे। एक में आरोपपत्र दायर किया जा चुका है जबकि दूसरे की जांच चल रही है। अग्रवाल ने नोएडा निवासी भगवान सिंह से कथित रूप से संपर्क किया जो उन्हें सैयद बुरहानुद्दीन के पास ले गया। बुरहानुद्दीन ने दावा किया कि वह प्रधानमंत्री कार्यालय में काम कर रहा है और वह मामले को दबाने में उनकी मदद करेंगे।

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सीबीआई प्राथमिकी के अनुसार बुरहानुद्दीन के कई नाम है। बुरहानुद्दीन उर्फ ओ पी सिंह उर्फ ओ पी शर्मा ने इस काम के लिए 1.5 करोड़ रपये मांगे। तीनों के बीच 11 फरवरी, 2017 को एक बैठक हुई जहां अग्रवाल राहत पाने के लिए 1.5 करोड़ रपये देने पर राजी हो गया। अग्रवाल ने हवाला के रास्ते भगवान सिंह को चार किश्तों में 60 लाख रपये भेजे। उन्होंने बाकी रकम का जुगाड़ करने में असमर्थता जतायी । सिंह दो किलोग्राम सोना लेने पर राजी हो गया।

जांच एजेंसी ने अग्रवाल, सिंह और बुराहानुद्दीन के विरूद्ध आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

सूत्रों के अनुसार, बी एल अग्रवाल को निलंबित किया जा सकता है। अग्रवाल ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज के अफसर हैं, इसलिए उनके निलंबन पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर जरूरी होंगे। मुख्यमंत्री के दंतेवाड़ा से लौटने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

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