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36 घंटे बाद पुलवामा में ऑपरेशन खत्म, 17 साल का था फिदायीन हमलावर

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 1 , 2018 , 16:01 IST

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हमला करने वाले तीसरे आतंकी की बॉडी सोमवार को बरामद कर ली गई। इसी के साथ सिक्युरिटी फोर्सेस का ऑपरेशन करीब 36 घंटे बाद पूरा हो गया। रविवार को मारे गए दो आतंकियों की पहचान भी हो गई है। दोनों जम्मू-कश्मीर के ही रहने वाले थे। इनमें से एक जम्मू-कश्मीर पुलिस में तैनात पुलिस अफसर का 17 साल का बेटा है। बता दें कि शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे इस सीआरपीएफ कैम्प पर फिदायीन हमला हुआ था। इस दौरान सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए थे। दो आतंकी मारे गए थे। इनकी पहचान अब सामने आई है। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे सिक्युरिटी फोर्सेस ने ऑपरेशन खत्म किया।

10th का स्टूडेंट था एक फिदायीन हमलावर

पुलवामा अटैक के दौरान मारे गए दो आतंकियों की पहचान हो गई है। इनमें से एक का नाम मंजूर अहमद बाबा, जबकि दूसरे का नाम फरदीन अहमद खांडे है। बाबा पुलवामा का ही रहने वाला था, जबकि खांडे बुरहान वानी के इलाके त्राल का था। फरदीन अहमद खांडे के बारे में हैरान करने वाली बात सामने आई है। खांडे के पिता गुलाम मोहम्मद खांडे जम्मू-कश्मीर पुलिस में ही अफसर हैं। एक और चौंकाने वाली बात ये है कि फरदीन महज 17 साल का था और 10th क्लास में पढ़ता था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो तीन महीने पहले ही जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि फरदीन ने कैंप पर हमला करने के पहले सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो भी पोस्ट किया था।

4 फीट के आतंकी तांत्रेय की मौत का बदला

हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सिर्फ पांच दिन पहले सिक्युरिटी फोर्सेस ने जैश के मोस्ट वॉन्टेड टेररिस्ट नूर मोहम्मद तांत्रेय को एनकाउंटर में मार गिराया था। नूर की हाइट सिर्फ 4 फीट थी और सिक्युरिटी एजेंसियों को लंबे वक्त से उसकी तलाश थी। माना जा रहा है कि जैश ने तांत्रेय की मौत का बदला लेने के लिए ही सीआरपीएफ कैम्प को निशाना बनाया।
बता दें कि पिछले साल 1-2 जनवरी की रात आतंकियों ने इसी तरह पठानकोट वायुसेना बेस पर हमला किया था। 80 घंटे तक चली उस कार्रवाई में 7 जवान शहीद हो गए थे। सभी 6 आतंकी भी मारे गए थे।

ये हुए शहीद

इंस्पेक्टर कुलदीप राय, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश

हेड कॉन्स्टेबल तौफेल अहमद, जम्मू-कश्मीर

कॉन्स्टेबल शरीफुद्दीन गनी, जम्मू-कश्मीर

कॉन्स्टेबल राजेंद्र नैर, चूरू, राजस्थान

कॉन्स्टेबल पीके पंडा, ओडिशा

कैसे हुआ हमला

आतंकियों ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे सीआरपीएफ कैम्प के मेन गेट पर हैंड ग्रेनेड फेंके। इसके बाद फायरिंग करते हुए अंदर घुसे। हमले में फोर्स के पांच जवान शहीद हुए। दो आतंकियों को कड़ी मशक्कत के बाद मार गिराया गया।

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने बताया कि दो-तीन दिन पहले से इस बात की खुफिया सूचना थी कि आतंकी हमला करने की फिराक में हैं। वैद ने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकी भेजता रहेगा, तब तक सुरक्षा बलों और लोगों को ऐसे हमलों का सामना करना पड़ेगा। एहतियात के तौर पर घाटी में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई।


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