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नहीं रहे सूफी गायक प्यारेलाल वडाली, कार्डिएक अरेस्ट से हुआ निधन

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| मार्च 9 , 2018 , 12:06 IST

सूफी गायक प्यारेलाल वडाली का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से अमृतसर में निधन हो गया। प्यारेलाल, अपने बड़े भाई पूरनचंद वडाली के साथ ही गाया करते थे।

गुरुवार को दौरा पड़ने के बाद उन्हें तुरंत अमृतसर में फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने करीब पांच घंटे तक उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए। प्यारेलाल ने सुबह 4 बजे आखिरी सांस ली। वो 75 साल के थे।

प्यारेलाल कुछ वक्त से बीमार चल रहे थे। इसलिए पूरणचंद अपने बेटे लखविंदर वडाली के साथ स्टेज शेयर कर रहे थे।

निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ले जाया गया। पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। पंजाबी सूफी गानों के लिए महशूर वडाली ब्रदर्स में उस्ताद प्यारे लाल छोटे थे। उनके बड़े भाई का नाम पूरनचंद वडाली है। वो पहलवान भी थे। वडाली ब्रदर्स का मशहूर पटियाला घराने से भी ताल्लुक रहा। बता दें कि पटियाला घराने के उस्ताद बड़े गुलाम अली थे।

अमृतसर के पास एक छोटे से गांव के रहने वाले वडाली ब्रदर्स दुनियाभर में अपनी गायकी के लिए काफी मशहूर थे। दोनों जालंधर के हरबल्ला मंदिर में परफॉर्म करने शुरू किया था। दोनों भाईयों की जोड़ी काफियां, गज़ल और भजन जैसी कई तरह की गायकी करते थे।

हाल ही में उन्होंने कंगना रणौत की फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ में रंगरेज मेरे....गाया था। उनका काफी मशहूर गाना 'तू माने या ना माने' इंटरनेट व लोगों में काफी पसंदीदा है।

पूरनचंद ने बताया कि 1992 में केंद्र सरकार ने संगीत नाटक अवार्ड से सम्मानित किया तो भरोसा ही नहीं हुआ कि जो लोग स्कूल नहीं गए उन्हें सरकार सम्मानित कर रही है। 1998 में वडाली बंधुओं को तुलसी अवॉर्ड तो 2003 में पंजाब संगीत अवार्ड दिया गया। 2005 में पूरनचंद को पदमश्री से सम्मानित किया गया।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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