राजनीति

संसद में हंगामे पर उठ रहे हैं सवाल, आखिर क्यों नहीं विपक्ष चलने दे रहा है सदन

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| मार्च 22 , 2018 , 17:57 IST

संसद में हंगामा आज भी जारी रहा। विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहती है पर ख़ुद ही हंगामा कर रही है। यह सिर्फ़ राजनीति है या कुछ और 16 लोकसभा सदस्यों वाली तेलुगु देशम (टीडीपी) के सरकार और अंतत: एनडीए से भी अलग हो जाने और कुछ उप-चुनावों में हार के बाद लोकसभा में एनडीए का संख्या बल भले 336 से घटकर 314 रह गया हो।

वह इतना कम तो कतई नहीं कि सरकार वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव जिसे कांग्रेस, तृणमूल समेत कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया है, से घबरा जाए? फिर क्या वजह है कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत का मुहूर्त नहीं बन पा रहा है?

जानकार मानते है कि विपक्षी पार्टी ने अपना सर्वोत्तम हित इसी में देखा कि विशेष दर्जे के नाम पर अविश्वास प्रस्ताव दूसरे विपक्षी दलों को जोड़कर माहौल बनाया जाए जिससे अगले लोकसभा चुनाव में उसकी सीटें बरकरार रह सकें। टीडीपी को मालूम है कि देश में आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग दूसरे कुछ पिछड़े राज्यों की ऐसी ही मांगों के मद्देनज़र ज़्यादा लोगों के गले नहीं उतर रही।

वही अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने वाले कांग्रेस, तृणमूल जैसे दल जानते हैं कि सदन की चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी समेत हर किसी को बोलने का मौका मिलेगा। विपक्ष अपने तरकस का हर तीर तो सदन के बाहर ही चला चुका है जबकि सरकार उसकी खासकर कांग्रेस की बोलती बंद करने के लिए बहुत कुछ नया मसाला ला सकती है।

ऐसे में एक संभावना यह भी बनती है कि अप्रैल के शुरू में राज्यसभा के नए सदस्यों की शपथ विधि पूरी हो जाने के बाद सदन की बैठक अपना समय पूरा किए बिना अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाए।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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