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राफेल: CAG ने पेश की राज्यसभा में रिपोर्ट, UPA से 2.86% सस्ती NDA की डील

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 13 , 2019 , 12:27 IST

कांग्रेस केंद्र सरकार पर लगातार राफेल डिल को लेकर हमाल बोल रही है, राहुल गांधी किसी भी रैली में जाते हैं एक बार राफेल डिल को लेकर जरूर विपक्ष पर हमाल बोलते हैं और अब ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर यह मुद्धा जोर पकड़ता नजर आ रहा है। बुधवार यानी की आज संसज में बजट सत्र का आखिरी दिन है, ऐसे में विपक्ष के उठ रहे सवालों के बीच मोदी सरकार आज लोकसभा में राफेल विमान सौदे पर CAG की रिपोर्ट पेश की गई है।

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संसद मे पोश हुई CAG रिपोर्ट

CAG रिपोर्ट के मुताबिक यूपीए के मुकाबले NDA के शासनकाल में 2.86% सस्ती डील फाइनल की गई है। CAG रिपोर्ट के मुताबिक 126 विमानों की तुलना में भारत ने 36 राफेल कॉन्ट्रैक्ट में 17.08% पैसे बचाए हैं। आपको बता दें कि मोदी सरकार के समय में 2016 में 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का सौदा हुआ। इससे पहले UPA के समय में 126 राफेल का सौदा हुआ था पर कई शर्तों पर आम राय नहीं बन सकी थी।

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रिपोर्ट में 2017 और 2015 कू मूल्य बोलियों का तुलनात्मक विश्लेषण भी किया गया है। इसमें लिखा है, 'आईएनटी द्वारा गणना किए गए संरेखित मूल्य 'U1' मिलयन यूरो था जबकि लेखापरीक्षा द्वारा आंकलित की गई संरेखित कीमत 'सीवी' मिलियन यूरो थी जो आईएनटी संरेखित लागत से लगभग 1.23 प्रतिशत कम थी। यह वह मूल्य था जिस पर 2015 में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाने चाहिए थे यदी 2007 और 2015 की कीमतों को बराबर माना जाता। लेकिन इसके जगह 2016 में 'यू' मिलियन यूरो के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे जो लेखापरीक्षा के संरेखित कीमत से 2.86 प्रतिशत कम थी।'

कैग रिपोर्ट आने के बाद अरुण जेटली ने किया ट्वीट, महाझूठबंधन के झूठ उजागर हो गए हैं

CAG रिपोर्ट राज्यसभा में पेश किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर लिखा, 'सत्यमेव जयते-सत्य की जीत हमेशा होती है। राफेल पर CAG रिपोर्ट से यह कथन एक बार फिर सच साबित हुआ है। एक अन्य ट्वीट में जेटली ने कहा, 'CAG रिपोर्ट से महाझूठबंधन के झूठ उजागर हो गए हैं।'


CAG रिपोर्ट में करीब 32 पेज 59,000 करोड़ रुपए की राफेल डील पर क्रेंद्रित है

खबरों की माने तो कहा जा रहा है कि इसमें कीमत के लिहाज से फ्रेंच लड़ाकू विमान की एक कॉम्पिटिटर यूरोफाइटर टाइफून जेट के ऑफर्स के साथ तुलना की गई है। भारतीय वायुसेना के लिए 11 खरीद पर तैयर CAG रिपोर्ट में करीब 32 पेज 59,000 करोड़ रुपए की राफेल डील पर क्रेंद्रित है। हालांकि ऑडिटर ने राफेल डील का मूल्यांकन करते समय प्राइसिंग को गोपनीय रखा है और इकलौते प्रतिस्पर्धी कंपनी के साथ पर्सेंटेज टर्म्स में तुलना की गई है।

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IAF के लिए 10 अन्य खरीद (जो रिपोर्ट का हिस्सा हैं) का मूल्यांकन करते समय ऑडिटर ने कीमतों का भी जिक्र किया है। UPA के शासनकाल में 126 लड़ाकू विमानों के हुए मूल MMRCA (मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) प्रॉजेक्ट के तहत राफेल के लिए (L-1) सबसे कम बोली लगाई गई थी।

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फ्रांस के साथ सितंबर 2016 में हुआ था समझौता

इसके अलावा यूरोफाइटर दूसरा लड़ाकू विमान था, जो 6 प्रतिस्पर्धियों में तकनीकी ट्रायल्स में योग्य पाया गया था। हालांकि MMRCA वार्ता के दौरान प्राइसिंग, गारंटी, मैन ऑवर्स और HAL के लाइसेंस के तहत प्रॉडक्शन कॉस्ट को लेकर विवाद पैदा हो गया था। NDA ने इसके बाद इस प्रॉजोक्ट को रद्द कर दिया और दसॉ एविएशन के साथ उड़ने की कंडीशन में 36 राफेल फाइटरों को खरीदने के लिए 59,000 करोड़ की डील फाइनल की। यह समझौता फ्रांस के साथ सितंबर 2016 में हुआ था।

संसद में कांग्रेस का प्रदर्शन

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने संसद परिसर में गांधी मूर्ति के पास राफेल मुद्दे पर प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच संसद में राफेल मुद्दे को लेकर अहम बैठक भी हुई। इस मामले पर कांग्रेस ने संसद में स्थगन प्रस्ताव दिया है। इतना ही नहीं, आज राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोल सकते हैं। सरकार भी कई बिलों को पेश कर सकती है।

कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि CAG के प्रमुक राजीव महर्षि जो डील के समय फाइनेंस सेक्रेटरी के पद पर थे। ऐसे में रिपोर्ट के जरिए वह सरकार को बचाने की कोशिस कर सकते हैं। कांग्रेस के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉग के जरिए जवाब दिया देते हुए कहा कि, कांग्रेस पार्टी जानती है 500 और 1600 करोड़ की कहानी एक फिक्शनल कहानी है, यही कारण है कि कैग की रिपोर्ट आने से पहले वह इस प्रकार के मनगढंत आरोप लगा रहे हैं।


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