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राफेल पर हंगामा: रक्षा मंत्री ने कहा- राहुल झूठे, अखबार पूरी सच्चाई रखे सामने

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 8 , 2019 , 14:00 IST

राफेल पर एक अखबार में छपी रिपोर्ट पर संग्राम छिड़ा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस रिपोर्ट के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला किया है, वहीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस रिपोर्ट पर ही सवाल उठाया और कहा कि अखबार ने एकपक्षीय रिपोर्टिंग की है। रक्षा मंत्री ने कहा कि अखबार ने पूरी सच्चाई सामने नहीं रखी है और तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के जवाब को नहीं छापा है। दरअसल, कांग्रेस ने सुबह इसपर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र पर हमला बोला था, इसके ठीक बाद बीजेपी ने इसपर पलटवार किया।

न्यूजपेपर का क्या है दावा

बता दें कि शुक्रवार को न्यूज पेपर 'द हिंदू' में प्रकाशित खबर में दावा किया गया है कि भारत और फ्रांस के बीच हुई राफेल डील के दौरान रक्षा मंत्रालय ने पीएमओ द्वारा फ्रांस से 'समानांतर' बातचीत का विरोध किया था। तत्कालीन रक्षा सचिव ने रक्षा मंत्रालय को यह नोटिंग दी थी।

सरकार का जवाब

सीतारमण ने कहा कि राफेल पर सभी झूठ का जवाब दिया गया है। पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी सदन में अपने बयान में साफ किया था राफेल मामले में कुछ भी गलत नहीं हुआ है। रक्षामंत्री ने न्यूजपेपर की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे पूरी सच्चाई सामने रखनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विदेशी ताकतों के हाथों खेल रही है और देश को नुकसान पहुंचा रही है। तब के डिफेंस सेक्रटरी के कॉमेंट पर रक्षा मंत्री का जवाब भी देना चाहिए था। अगर अखबार सच्चाई लाता तो तत्कालीन रक्षा मंत्री पर्रिकर का जवाब भी अपनी रिपोर्ट में शामिल करता। रक्षा मंत्री ने कहा कि तत्कालीन रक्षा मंत्री पर्रिकर ने डिफेंस सेक्रटरी की फाइल नोटिंग के जवाब में कहा था कि चिंता की कोई बात नहीं है, सब चीजें ठीक हैं। अखबार का कर्तव्य था कि पर्रिकर का भी जवाब सामने रखता।

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रक्षा मंत्री का बयान

"रिपोर्ट में पत्रकारिता के सिद्धांत को ताक पर रखा गया है। अगर डिफेंस सेक्रटरी नोट में बोल रहे हैं कि रक्षा मंत्री देख लो और तब के रक्षा मंत्री (मनोहर पर्रिकर) देखकर नोटिंग के नीचे ही उस पर जवाब दे रहे हैं। उनके सिग्नेचर नोटिंग पर हैं। अखबार को उसको भी अपनी रिपोर्ट में देना चाहिए था। मैंने संसद में पर्रिकर के जवाब को बताया। पर्रिकर ने नोट में डिफेंस सेक्रटरी को जवाब दिया था कि इसमें उत्तेजित होने की जरूरत नहीं है। आप शांत रहें। सब ठीकठाक चल रहा है। पत्रकारिता के सिद्धांत को देखते हुए पर्रिकर का जवाब भी रखना चाहिए था। इस तरह की सिलेक्टिव रिपोर्ट नहीं होनी चाहिए।"

-रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण

'किसी डील के बारे में जानकारी मांगना हस्तक्षेप नहीं'

रक्षा मंत्री ने कहा, 'मैंने सदन में दिए गए अपने जवाब में भी सारी चीजें साफ की हैं। डील पर पीएमओ के जानकारी मांगने को मामले में हस्तक्षेप नहीं कहा जा सकता है।' रक्षा मंत्री ने कहा, 'वे मरे घोड़े पर चर्चा कर रहे हैं। वे मल्टी नैशनल कॉरपोरेशन के साथ खेल रहे हैं। वे भारत की वायु सेना को मजबूत नहीं होने देना चाहते हैं।'

कांग्रेस का आरोप

गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद में पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण की अगली सुबह ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया था। राहुल ने फिर एक बार राफेल में हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डील में चोरी की है। राहुल ने एक अखबार में छपी रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि इस डील में सीधे-सीधे पीएम शामिल थे। रॉबर्ट वाड्रा और पी. चिदंबरम पर चल रही जांच पर उन्होंने कहा कि जिस पर जितनी चाहे जांच कराए, हमें आपत्ति नहीं है लेकिन राफेल पर भी जांच हो।

तत्कालीन डिफेंस सेक्रटरी बोले-कीमतों से कुछ लेना-देना नहीं

तत्कालीन डिफेंस सेक्रटरी जी मोहन कुमार ने भी तत्काल सफाई देते हुए कहा कि जो भी मीडिया रिपोर्ट प्रकाशित हुई है उसका राफेल डील में कीमतों से कुछ लेना-देना नहीं था।

 


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