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अमेरिका में पहली बार इस भारतीय को इंजेक्शन से मिलेगी मौत, जानिए पूरी कहानी?

icon कुलदीप सिंह | 0
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| जनवरी 11 , 2018 , 19:37 IST

अमेरिका में भारतीय मूल के पहले शख्स को सज़ा ए मौत देने की तैयारी हो रही है। 32 साल के रघुनंदन यांदमुरी नाम के इस शख्स को 61 साल की महिला और उसकी 10 माह की पोती की हत्या का दोषी पाया गया है।

रघुनंदन को 23 फरवरी 2018 को मौत दी सजा दी जाएगी। लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रघुनंदन की मौत की सजा स्थगित की जा सकती है। बता दें कि अमेरिका के पेनसिल्वेनिया स्टेट में ये सजा दी जानी है, लेकिन इस राज्य में पिछले 20 साल से किसी को भी सजा-ए-मौत नहीं दी गई है।

क्या है मामला? 

रघुनंदन आंध्रप्रदेश का रहने वाला है और वो एच1बी वीजा पर अमेरिका आया था। उसके पास इलेक्ट्रिकल एंड कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की एडवांस डिग्री भी है। उसने अपनी सजा के खिलाफ अपील भी की थी,लेकिन वो पिछले साल अप्रैल में खारिज हो गई। पुलिस जांच में ये साबित हुआ था कि रघुनंदन ने बुजुर्ग महिला सत्यवती वेन्ना और बच्ची सावनी वन्ना का अपहरण फिरौती के लिए किया था और बाद में उनकी हत्या कर दी। महिला और बच्ची के अपहरण और हत्या के आरोप में रघुनंदन को 2014 में मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, उसकी सजा का दिन तय होने में कुछ वक्त लग गया, क्योंकि 2015 में पेनसिल्वेनिया के गवर्नर टॉम वोल्फ ने मौत की सजा पर रोक लगा दी थी।

 में इस भारतीय को मिलेगी मौत की सज़ा

स्थगित की जा सकती है रघुनंदन की सजा?
टाइम्स हेराल्ड न्यूज पेपर की रिपोर्ट के मुताबिक,

"लीथल इंजेक्शन के जरिए रघुनंदन को मौत की सजा देने का दिन तय हो गया है, लेकिन इसे टाला जा सकता है, क्योंकि गवर्नर ने मौत की सजा पर पाबंदी लगा दी थी।"
पेनसिल्वेनिया डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शंस ने कहा, "कानून कहता है कि अगर तय समय के भीतर किसी के मौत के वारंट पर गवर्नर साइन नहीं करता है तो सेक्रेटरी ऑफ करेक्शंस को 30 दिन के भीतर मौत की सजा देने का नोटिस जारी करना होता है।"


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कुलदीप सिंह

Executive Editor - News World India. Follow me on twitter - @KuldeepSingBais

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