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NPA पर बोले राजन, मनमोहन सरकार में दिए गए सबसे ज्यादा बैड लोन

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 11 , 2018 , 12:39 IST

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गर्ननर रघुराम राजन ने नॉन परफॉर्मिगं ऐसेट्स के लिेए बैंकर्स और सरकार के सुस्त रवैये को जिम्मेदार बताया है। राजन ने संसदीय समिति को दिए गए जवाब में कहा है कि सबसे अधिक बैड लोन 2006-2008 के बीच दिया गया। बैंकों के अति आशावान, सरकार की नीतिगत प्रक्रिया में सुस्ती और आर्थिक विकास की धीमी प्रक्रिया जैसे कारक एनपीए की राशि बढ़ाने में मुख्य रूप से जिम्मेदार रहे।

RAJAM__आकलन समिति के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी को सौंपे गए नोट में राजन ने कहा है कि यूपीए और एनडीए दोनों सरकारों में कई तरह की शासन संबंधी समस्याएं थीं। मसलन, कोयला खदानों का संदिग्ध आवंटन और जांच के डर से केंद्र सरकार की धीमी नीतिगत योजनाओं का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

राजन के इस बयान के बाद कांग्रेस के लिये बड़ी मुश्किल हो सकती है क्योंकि जब भी बैंक को एनपीए के बढ़ने की बात आती है तो बीजेपी यूपीए सरकार को दोषी ठहराती रही है वहीं कांग्रेस हमेशा बीजेपी की नीतियों पर निशाना साधती है। 

राजन ने आगे कहा कि सरकार की नीतिगत योजनाएं आज की तारीख तक पर्याप्त रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पाई हैं। इस वजह से समय के साथ परियोजनाओं की लागत और कर्ज की राशि भी बढ़ती गई। देश में बिजली की भारी किल्लत के बावजूद बिजली संयंत्र परियोजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। एनपीए का बड़ा हिस्सा 2006 से 2008 के दौरान बढ़ा, जबकि उस समय आर्थिक विकास दर मजबूत स्थिति में थी।

उन्होंने कहा, यह ऐसा दौर था, जब बैंकों ने बड़ी गलतियां कीं। वे अतीत की विकास दर और भविष्य के परफॉर्मेंस को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते रहे। लिहाजा, इन परियोजनाओं में  अधिक से अधिक निवेश करते रहे। कई बार तो बैंक अपनी तरफ से कोई आकलन किए बगैर सिर्फ प्रमोटरों के निवेश बैंक की रिपोर्ट के आधार पर ही कर्ज देने को मंजूरी देते रहे।


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