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RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा, नोटबंदी का मैंने कभी समर्थन नहीं किया था

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| सितंबर 3 , 2017 , 12:31 IST

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने पद छोड़ने के बाद पहली बार नोटबंदी पर चुप्पी तोड़ी है। रघुराम राजन ने अपनी किताब में स्पष्ट किया है कि उन्होंने नोटबंदी का समर्थन नहीं किया था। उनका मानना था कि नोटबंदी के फैसले से अल्पकाल में होने वाला नुकसान आगे भविष्य में आने वाले फायदों पर भारी पड़ सकता है।

रघुराम राजन ने अपनी नई किताब 'आई डू व्हाट आई डू' में इसका उल्लेख किया है। राजन ने कहा है किकालेधन को सिस्टम से बाहर करने के दूसरे तरीके भी सुझाए थे। उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर उन्होंने फरवरी 2016 में मौखिक तौर पर अपनी सलाह दी और बाद में आरबीआई ने सरकार को एक नोट सौंपा जिसमें उठाए जानेवाले जरूरी कदमों और इसकी समयसीमा का पूरा ब्योरा पेश किया गया था।

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रघुराम राजन ने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल के दौरान नोटबंदी पर कभी भी फैसला लेने को नहीं कहा गया। राजन का कार्यकाल 5 सितंबर 2016 को पूरा हो गया था जबकि नोटबंदी की घोषणा 8 नवंबर 2016 को की गई थी। उस दौरान प्रधानमंत्री ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का ऐलान किया था। बता दें कि इसी उसी सप्ताह आरबीआई की तरफ से जारी आंकड़ों में कहा गया था कि पुराने बंद किए गए 500 और 1000 रुपये के 99 प्रतिशत नोट बैंकों में जमा हो गए।

रघुराम राजन का कहना है कि नोटबंदी के पीछे सरकार का इरादा काफी अच्छा था, लेकिन इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा निश्चित रूप से अब तो कोई किसी सूरत में नहीं कह सकता है कि यह आर्थिक रूप से सफल रहा है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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