राजनीति

जय शाह विवाद: राहुल का PM पर तंज, बोले- शाह-जादे के बारे में ना बोलूंगा, ना बोलने दूंगा

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 20 , 2017 , 21:24 IST

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के बहाने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। राहुल ने ट्वीट कर लिखा कि 'मित्रों, शाह-जादे के बारे में ना बोलूंगा, ना बोलने दूंगा।

बता दें कि अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के उछाल लेते टर्नओवर को लेकर राहुल गांधी काफी आक्रामक है। गुजरात चुनाव के लिए कैंपेन करते हुए राहुल लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष इससे पहले भी कई मौकों पर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साध चुके हैं।

राहुल ने उठाए सवाल-जय को कानूनी मदद क्यों

इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष ने मंगलवार को विवाद में फंसे 'अमित शाह के बेटे जय शाह को एक समाचार वेबसाइट से लड़ाई में 'सरकारी कानूनी मदद' दिए जाने को लेकर बीजेपी पर तंज कसा। राहुल ने एक तमिल फिल्म के गाने 'कोलावेरी डी' के बोल को थोड़ा बदलते हुए ट्वीट किया, "शाह-जादा को सरकारी कानूनी मदद! व्हाइ दिस, व्हाइ दिस कोलावेरी डा?

तमिल फिल्म 'थ्री' का गीत 'व्हाइ दिस, व्हाइ दिस कोलावेरी डी' तमिल और अंग्रेजी का मिश्रण है, जिसे अनिरुद्ध रविचंद्रन ने लिखा है और इस धनुष ने गाया है। इसका अर्थ है- ऐ लड़की, मुझ पर यह कातिल गुस्सा क्यों?

बीजेपी ने वाड्रा और संजय भंडारी के रिश्तों पर कांग्रेस से मांगा स्पष्टीकरण

राहुल ने इस ट्वीट के जरिए जय शाह का मुद्दा उठाए जाने पर बीजेपी के गुस्से को रेखांकित किया है। उन्होंने बीजेपी पर यह हमला ठीक उसी दिन बोला, जब बीजेपी ने कांग्रेस से पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और हथियारों के सौदागर संजय भंडारी के बीच संबंध पर स्पष्टीकरण मांगा।

कांग्रेस इससे पहले यह मुद्दा उठा चुकी है कि जय शाह की कंपनी का करोबार एक साल में 50,000 रुपये से बढ़कर 80 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गया। पार्टी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठा चुकी है और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों से इस मामले की जांच की मांग कर चुकी है। बीजेपी ने आरोप को खारिज किया है और कहा है कि जय शाह का कारोबार पूरी तरह वैध है। पार्टी ने कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज किया है कि बीजेपी घोर पूंजीवाद को बढ़ावा दे रही है।

गुजरात चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी बाकी!

चुनाव आयोग ने पिछले सप्ताह हिमाचल प्रदेश चुनाव की तिथि की घोषणा की थी, लेकिन गुजरात चुनाव की तिथि की घोषणा नहीं की। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर दबाव का आरोप लगाते हुए कहा था कि ऐसा गुजरात में मोदी द्वारा और परियोजनाओं की घोषणा के लिए किया गया है।


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