राजनीति

गडकरी के बयान पर राहुल की चुटकी, आपका ही सवाल देश पूछ रहा है- 'कहां है नौकरी?'

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 6 , 2018 , 13:25 IST

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंन्द्रीय मंत्री नीतिन गडकरी के एक बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर ही निशाना साधा है। नितिन गडकरी ने पिछले दिनों आरक्षण और रोजगार को लेकर कहा था कि मान लीजिए आरक्षण दे दिया जाता है। लेकिन कोई नौकरी नहीं है। क्योंकि बैंकों में आईटी की वजह से नौकरियां घट गई हैं। सरकारी नियुक्तियां रुक गई हैं। नौकरियां कहां हैं?

हालांकि । गडकरी को अपने बयान पर सफाई देनी पड़ी लेकिन शायद तब तक काफी देर हो गई थी। अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय मंत्री पर तंज कसा है। नितिन गडकरी के इस बयान से संबंधित एक खबर को शेयर करते हुए राहुल ने ट्वीट किया, ''गडकरी जी अच्छा सवाल है। सभी भारतीय यही सवाल कर रहे हैं।''

राहुल ने पिछले दिनों कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में भी बेरोजगारी पर चर्चा की थी और कहा था कि इस मसले पर देशभर में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, ''एक टीम की तरह, हमने देश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि भ्रष्टाचार व युवाओं को रोजगार देने में सरकार के विफल रहने जैसे मुद्दे जनता के बीच ले जाने के लिए कांग्रेस के पास बड़ा मौका है।''

राहुल अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भी सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रोजगार को लेकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के समय दो हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था जो आज जुमला हो चुका है। वहीं प्रधानमंत्री ने राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा था कि हमने प्रयाप्त रोजगार दिए हैं।

कांग्रेस हुई हमलावर-:

नीतिन गडकरी पर हमला बोलते हुए कांग्रेस ने एक वीडियो अपलोड किया है जिसमें चार साल पहले गडकरी 2 करोड़ रोजगार की बात कर रहे थे और वही चार साल बाद कहते फिर रहे हैं कि जॉब कहां है?

क्या कहा था नितिन गडकरी ने...?

दरअसल, केंद्रीय मंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा कि यदि आरक्षण दे दिया जाता है तो भी फायदा नहीं है, क्योंकि नौकरियां नहीं हैं। बैंक में आईटी के कारण नौकरियां कम हुई हैं। सरकारी भर्ती रुकी हुई हैं। नौकरियां कहां हैं? नितिन गडकरी ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की तरफ इशारा करते हुए कहा कि एक ‘सोच’ है जो चाहती है कि नीति निर्माता हर समुदाय के गरीबों पर विचार करें।

उन्होंने कहा कि एक सोच कहती है कि गरीब गरीब होता है, उसकी कोई जाति, पंथ या भाषा नहीं होती। उसका कोई भी धर्म हो, मुस्लिम, हिंदू या मराठा (जाति), सभी समुदायों में एक धड़ा है जिसके पास पहनने के लिए कपड़े नहीं है, खाने के लिए भोजन नहीं है।’ बयान पर बवाल मचने के बाद गडकरी ने इस पर सफाई भी दी। उन्होंने लिखा कि मुझे कुछ खबरें देखने को मिलीं, लेकिन मैं साफ करना चाहता हूं कि आरक्षण में बदलाव को लेकर सरकार का कोई प्लान नहीं है।


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