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विरोध के बाद विवादित बिल पर फिर से विचार कर सकती हैं वसुंधरा राजे, कल हुआ था पेश

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अक्टूबर 24 , 2017 , 10:39 IST

राजस्थान सरकार के नए आपराधिक कानून बिल को लेकर हो रहे विरोध के चलते बिल में कुछ बदलाव कर सकती है। सीएम वसुंधरा राजे ने सोमवार शाम को अपने कई मंत्रियों को घर बुलाया और उनसे इस बिल पर दोबारा विचार करने को कहा है। इस बिल को लेकर वसुंधरा सरकार को काफी विरोध और आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। बिल के खिलाफ विपक्ष ही नहीं बल्कि उसकी पार्टी के नेता भी विरोध कर रहे हैं।

बता दें कि, राजस्थान सरकार ने इस बिल को एक महीने पहले जारी किया था, इस बिल के तहत किसी जज या मजिस्ट्रेट या किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ पहले से इजाजत लिए बिना जांच नहीं की जा सकेगी। लेकिन सोमवार को विधानसभा भारी विरोध के बीच में वसुंधरा सरकार ने इस विवादित बिल को विधानसभा में पेश कर दिया था। बीजेपी के पास 160 विधायकों का बहुमत है और ऐसे में बिल को पास होने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होनी है।

Vasundhara

क्या है अध्यादेश

वसुंधरा राजे सरकार की तरफ से लाए गए इस संसोधन अध्यादेश के अनुसार, अब कोई भी व्यक्ति जजों, अफसरों और लोक सेवकों के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से एफआईआर दर्ज नहीं करा पाएगा। सरकार की इजाजत के बिना मजिस्ट्रेट ना तो जांच का आदेश दे सकेंगे और ना ही प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दे सकेंगे। ऐसा करने के लिए उसे पहले सरकार से मंजूरी लेनी होगी।

इस बिल में लिखा है कि सरकार 180 दिनों के अंदर मामले की छानबीन करने को लेकर कोई जवाब नहीं देती है तो माना जाएगा कि सरकार ने जांच को मंजूरी दे दी है। बिल के मुताबिक, कानून का उल्लंघन करने पर हो सकती है 2 साल की सजा। इसके अलावा जब तक सरकारी एंजेसी आरोपों पर कार्रवाई की मंजूरी ना दे दे, तब तक मीडिया भी छह महीने तक किसी भी आरोपी के खिलाफ ना ही कुछ दिखा सकेगी और ना ही कुछ छाप सकेगी। तब तक मीडिया को छापने और दिखाने पर रोक होगी।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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