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विवादित अध्यादेश पर वसुंधरा सरकार और केंद्र को राजस्थान हाई कोर्ट का नोटिस

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 27 , 2017 , 16:09 IST

राजस्थान हाईकोर्ट ने वसुंधरा राजे के विवादित अध्यादेश पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि आखि‍र क्यों इस तरह के अध्यादेश लाने की जरुरत पड़ी। मुख्यमंत्री राजे का यह विवादित अध्यादेश लोकसेवकों को संरक्षण देने वाला है। हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब देने के लिए एक महीने का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी।

Raj HC

सचिन पायलट और समेत सात लोगों ने दायर की थी याचिका

कोर्ट ने अपने आदेश में अध्यादेश के खिलाफ दायर सभी सात याचिकाएं और जनहित याचिकाओं को भी शामिल किया, जिसमें प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता सचिन पायलट की दायर याचिका भी शामिल है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने तमाम आलोचनाओं को दरकिनार कर राजस्थान विधानसभा में यह विधेयक पेश किया था। बिल पेश होने के बाद राजस्थान विधानसभा में विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया था।

राहुल गांधी ने भी जताया था विरोध

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक विवादित अध्यादेश को लेकर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर ताना मारा था। राहुल ने अपने एक ट्वीट में कहा कि हम 2017 में जी रहे हैं ना कि 1817 में। गांधी ने ट्वीट कर कहा पूरी विनम्रता से मैं कहना चाहता हूं कि हम 21वीं सदी में हैं। ये 2017 है, 1817 नहीं।

क्या है अध्यादेश में?

अध्यादेश के मुताबिक राज्य सरकार की इजाजत के बगैर किसी भी मौजूदा और पूर्व जज, मजिस्ट्रेट और पब्लिक सर्वेंट के खिलाफ 180 दिन तक जांच करने पर पाबंदी लगाई गई है। इतना ही नहीं, इस समय अगर कोई शख्‍स किसी जज, मजिस्ट्रेट या पब्लिक सर्वेंट की आइडेंटिटी जाहिर करता है, तो उसे दो साल तक की सजा हो सकती है। इसमें जुर्माने का प्रावधान भी है। मतलब मीडिया तब तक रिपोर्टिंग नहीं कर सकता, जब तक सरकार परमीशन न दे।

 


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