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SC में केंद्र का जवाब: राजीव गांधी के हत्यारों को नहीं कर सकते रिहा, शुरू हो जाएगी गलत परंपरा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 10 , 2018 , 14:59 IST

केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के सात दोषियों को रिहा करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर शुक्रवार को हुई सुनवाई में सरकार ने कहा कि यह केस देश के पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़ा हुआ है, इसलिए दोषियों को छोड़ा नहीं जा सकता। अगर इन दोषियों को रिहा किया जाता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके बुरे नतीजे होंगे और खतरनाक परंपरा शुरू हो जाएगी।

Sc__bbराजीव गांधी हत्याकांड के सातों दोषी पिछले 27 साल से जेल की सजा काट रहे हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र से कहा था कि वह तमिलनाडु सरकार की तरफ से दोषियों की रिहाई की अपील पर अपना फैसला बताए। सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के जजों ने 2015 में कहा था कि दोषियों को बिना केन्द्र सरकार की सहमति के रिहा नहीं किया जा सकता है।

शुक्रवार को हुई सुनवाई में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि राजीव गांधी हत्याकांड की जांच कर चुकी सीबीआई भी दोषियों को रिहा करने के फैसले का विरोध कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने इस मामले में सुनवाई की।

बता दें कि 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर की एक रैली में आत्मघाती हमले में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की गई थी। लिट्टे आतंकी धनु ने राजीव के पास जाकर खुद को बम से उड़ा लिया था। 28 जनवरी 1998 को नलिनी श्रीहरन को मौत की सजा सुनाई गई थी। राज्य सरकार ने इसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया था। पेरारिवलन, मुरुगन, संथन, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और रविचंद्रन को भी दोषी करार दिया गया था। ये सभी उम्र कैद की सजा काट रहे हैं।


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