राजनीति

NDA उम्मीदवार हरिवंश बने राज्यसभा के नए उपसभापति, UPA के हरिप्रसाद को हराया

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 9 , 2018 , 12:00 IST

राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए हुए चुनाव में NDA उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह ने UPA उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद को हरा दिया है। एनडीए की तरफ से जेडीयू के राज्यसभा सांसद हरिवंश नारायण सिंह के समर्थन में 125 और कांग्रेस सांसद व विपक्षी उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद के समर्थन में 105 वोट डाले गए। एनडीए के पास 88 राज्यसभा सदस्य थे। उसने 36 और सांसदों का समर्थन जुटाने का दावा किया था। इस तरह एनडीए को कुल 124 वोटों की उम्मीद से 1 वोट ज्यादा मिला। वहीं, यूपीए के पास 47 राज्यसभा सदस्य थे। उसे 62 और सांसदों के समर्थन के साथ कुल 109 की संख्या जुटा लेने का भरोसा था। लेकिन उसके उम्मीदवार को 4 वोट कम मिले।

1बीजेपी और कांग्रेस में दोनों अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। राज्यसभा में मौजूदा सांसदों की संख्या 244 है। इस लिहाज से जीतने के लिए 123 सांसदों का समर्थन आवश्यक होगा। बीजेडी का हरिवंश सिंह का समर्थन किए जाने के ऐलान के बाद एनडीए का पक्ष मजबूत नजर आ रहा है। बीजेपी के मुताबिक हरिवंश सिंह को उच्च सदन के 126 सदस्यों का समर्थन मिलने जा रहा है। वहीं विपक्ष के आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस के उम्मीदवार हरिप्रसाद को 111 वोट मिल सकते हैं।

बीजेपी का गणित:- राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार हरिवंश सिंह को एनडीए के 91 सदस्यों का वोट मिलना तय है। इसके अलावा बीजेडी के 9 सांसदों के ऐलान के बाद ये संख्या बढ़कर 100 हो जाती है। बीजेपी को उम्मीद है कि तीन मनोनित सदस्यों के अलावा समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद अमर सिंह का भी समर्थन मिलेगा। इसके साथ ही AIADMK के 13, टीआरएस के 6,  वाईएसआर कांग्रेस के 2, और INLD के एक सदस्य का समर्थन मिलने की उम्मीद है। इन सभी को जोड़कर कुल वोट 126 हो रहे हैं।

कांग्रेस का गणित:- राज्यसभा में यूपीए के संख्याबल की बात करें तो एनडीए के मुकाबले यूपीए का पलड़ा हल्का नजर आ रहा है। सदन में कांग्रेस की संख्या 50 है। विपक्षी खेमे ने कांग्रेस समेत तृणमूल, द्रमुक, वाम दलों, सपा, बसपा, राकांपा और टीडीपी ने समर्थन का दावा किया है। इस सभी के सांसदो को जोड़ने पर संख्या 109 होती है। अगर एक मनोनित और एक निर्दलीय सदस्य ने भी समर्थन कर दिया तो यह संख्या 111 तक ही पहुंचती है। जो कि जीत के लिहाज से काफी दूर है। आम आदमी पार्टी ने मतदान में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। जबकि पीडीपी की रुख अभी तक साफ नहीं है।

 


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