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इराक में मारे गए 39 भारतीयों के परिजन देखना चाहते हैं DNA रिपोर्ट, सरकार पर फूटा गुस्सा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 21 , 2018 , 10:48 IST

इराक के मोसुल शहर में आईएसआईएस आतंकवादियों के हाथों मारे गए 39 भारतीयों के परिवार वालो ने सरकार से उनके घरवालों की डीएनए रिपोर्ट को सांझा करने की मांग की है।

गौरतलब है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को संसद में घोषणा की, 'पूरे सबूत मिलने के बाद मैं कह सकती हूं कि सभी 39 लोगों की मौत हो चुकी है।'

ये 39 लोग इराक के निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय श्रमिक थे और साल 2014 में वहां के शहर मोसुल में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने इनका अपहरण कर लिया था। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला था। अब इनके पार्थ‍िव शरीर बादुश की एक पहाड़ी से हासिल हुए हैं।

इन परिवारों में से कई ने समाचार एजेंसी से बात की और सब को एक ही तरह की शिकायत या गुस्सा है। अपने भाई मजिंदर की मौत की सूचना पर उनकी बहन गुरपिंदर कौर ने कहा, 'चार साल से विदेश मंत्री हमसे कह रही थीं कि वे जिंदा हैं। मैं अब किस पर भरोसा करूं। मैं उनसे बात करना चाहती हूं। हमें अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। हमने बस संसद में उनका बयान सुना है।'

गुरपिंदर ने कहा कि वह डीएनए रिपोर्ट देखना चाहती हैं। उन्होंने कहा, 'हम सरकार से मांग करते हैं कि हमें डीएनए रिपोर्ट दिखाई जाए। इस मसले पर राजनीति की जा रही है। हम चार साल तक दौड़ते रहे और अब हमें टीवी से यह खबर मिल रही है।'

मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि संसदीय प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्होंने पहले इस खबर की जानकारी संसद को दी है। गुरपिंदर ने कहा, 'ठीक है कि उन्हें पहले संसद में घोषणा करनी थी लेकिन मरने वाला हमारे परिवार से था। उन्हें बस अपनी प्रतिष्ठा का ध्यान है। वे तो कहती थीं कि गायब सभी लोग उनके बच्चों की तरह हैं। अब उनका दुख कहीं दिख रहा है? यह खबर मिलते ही पहले हमसे संपर्क होना चाहिए था।'

'डीएनए टेस्ट की मांग पर ही हो गया था शक'-

गुरपिंदर के मुताबिक, उसे अपने भाई के साथ कुछ अनहोनी होने का अंदाजा तभी हो गया था जब सरकार ने उनसे डीएनए टेस्ट के लिए कहा था। बकौल गुरपिंदर, 'जब सरकार ने हमसें डीएनए टेस्ट के लिए कहा था, तभी मुझे अंदाजा हो गया था कि मेरे भाई के साथ कुछ तो हुआ है, लेकिन सरकार कुछ भी बताने को राजी नहीं थी और अब इस खबर ने हमारी सारी उम्मीदों को तोड़ दिया है। वह क्यों हमसे कहती रहीं कि हमारे अपने जिंदा हैं और वह उन्हें वापस लेकर आएंगी ? वह यह भी तो कह सकती थीं कि अगर वे जिंदा होंगे तो जरूर वापस लेकर आएंगी। मैं डीएनए रिपोर्ट्स देखना चाहती हूं। सुषमा स्वराज से मिलने के बाद ही हमें हमारे सवालों के जवाब मिलेंगे।'


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