राजनीति

संविधान, लोकतंत्र, सेना के बाद RSS है भारतीयों का रक्षक: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
1196
| जनवरी 4 , 2018 , 13:51 IST

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस केटी थॉमस अपने बयान की वजह से चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के बाद सेना और आरएसएस भारतीयों को सुरक्षित रखता है। कोट्टयम में आरएसएस के कैंप में बोलते हुए जस्टिस थॉमस ने कहा कि अगर आपातकाल से देश को उबारने का श्रेय किसी संस्था को जाता है तो वह आरएसएस है, आपातकाल से आजादी आरएसएस ने ही लोगों को दिलाई थी।

बीते रविवार को केरल के कोट्टायम में संघ प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में रिटायर्ड जस्टिस बतौर अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने स्वंयसेवकों के शारिरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम की जमकर प्रशंसा की।

इस दौरान थॉमस ने कहा कि सेना, संविधान और लोकतंत्र के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही भारतीयों को सुरक्षित रखे हुए है।

उन्होंने कहा, "अगर पूछा जाए कि भारतीय कैसे सुरक्षित हैं तो मैं कहूंगा कि देश में संविधान है, लोकतंत्र है, सेना है और यहां आरएसएस भी है।"

मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्‍योंकि आरएसएस ने आपातकाल के विरुद्ध काम किया। इमरजेंसी के खिलाफ आरएसएस की मजबूत और सु-संगठित कार्यों की भनक तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी लग गई थी…वह समझ गई कि यह ज्‍यादा दिन तक नहीं चल पाएगा।”

उन्होंने कहा हमले के समय यह देश के बाहर और भीतर दोनों जगहों पर रक्षा करते हैं। संघ अपने स्‍वयंसेवकों में 'राष्‍ट्र की रक्षा' करने हेतु अनुशासन भरता है।

थॉमस ने कहा, ”सांपों में विष हमले का सामना करने के लिए हथियार के तौर पर होता है। इसी तरह, मानव की शक्ति किसी पर हमला करने के लिए नहीं बनी है। शारीरिक शक्ति का मतलब हमलों से (खुद को) बचाने के लिए है, ऐसा बताने और विश्‍वास करने के लिए मैं आरएसएस की तारीफ करता हूं। मैं समझता हूं कि आरएसएस का शारीरिक प्रशिक्षण किसी हमले के समय देश और समाज की रक्षा के लिए है।”


author
अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

कमेंट करें