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केंद्र सरकार ने माना, GST की दरों में है बड़े फेरबदल की जरूरत

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अक्टूबर 22 , 2017 , 20:01 IST

देश में जीएसटी लागू किए जाने के बाद सरकार ने माना है कि इस व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत है। राजस्व सचिव हसमुख अढिया का कहना है कि छोटे और मध्यम व्यापारियों पर जीएसटी का दबाव कम करने के लिए में इसकी कर दरों को नए सिरे से व्यवस्थित किए जाने की जरूरत है। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि टैक्स रेट्स में बदलाव कर ही छोटे और मझोले कारोबारों से टैक्स का बोझ कम किया जा सकता है।

अधिया ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स और वैट जैसे दर्जनों भर केंद्रीय और राजकीय करों को खत्म करने वाले जीएसटी को स्थिर होने में एक साल का वक्त लग सकता है। जीएसटी रिटर्न फाइल करने और करों का भुगतान करने में छोटे और मझोले व्यवसायियों की परेशानियों को हल करने और नई कर प्रणाली को इंडस्ट्री फ्रेंडली बनाने के लिए विभिन्न पक्षों में सुधार किया जा रहा है।

जीएसटी काउंसिल ने 100 से अधिक वस्तुओं पर कर दरों को युक्तिसंगत बनाया है और निर्यातकों को रिफंड की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। अधिया ने कहा, "इसमें अमूल-चूल बदलाव की जरुरत है... हो सकता है कि एक ही अध्याय में कुछ वस्तुएं बांट दी गयी हों। वस्तुओं के अध्याय वार वस्तुओं की सूची संगत बनाने की जरूरत है। और जहां दिखे कि यह लघु और मझौले उद्योगों तथा आम आदमी पर बोझ ज्यादा पड़ रहा है, वहां हम उसे कम करते हैं तो अनुपालन सुधरेगा।’

जीएसटी काउंसिल की 23वीं मीटिंग वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में 10 नवंबर को गुवाहाटी में होनी है। अधिया ने कहा कि हम जितनी जल्दी हो सके इसे करने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि फिटमेंट कमिटी इस पर काम करने के लिए कितना समय लेती है


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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