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रघुबर सरकार में भुखमरी, अब राशन के अभाव में रिक्शे वाले ने तोड़ा दम

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अक्टूबर 22 , 2017 , 16:36 IST

सिमडेगा में 11 वर्षीय बच्ची की 'भूख' से मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि धनबाद के झरिया में कथित तौर पर 'भूख' से एक रिक्शाचालक की मौत का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि मृतक के परिवार को पिछले एक साल से सरकारी राशन नहीं मिल रहा था। दरअसल, शनिवार को झरिया इलाके के भालगढ़ा अंतर्गत ताराबगान बस्ती में एक रिक्शा चालक की कथित तौर पर 'भूख' व बीमारी से मौत होने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मृतक दलित परिवार से था और बीमारी की वजह से वह रिक्शा नहीं चला पा रहा था।

परिजनों के मुताबिक रिक्शा चलाना बंद होने से उसकी कमाई बंद थी और पत्नी दूसरों के घरों में नौकरानी का काम करके घर का खर्च किसी तरह चला रही थी।  मृतक का बड़ा बेटा रवि, रांची में किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है और पिता की मौत की सूचना पर वह झरिया पहुंचा। मृतक बैद्यनाथ दास के पुत्र रवि के मुताबिक उसके पिता के बड़े भाई के नाम पर परिवार का राशन कार्ड निर्गत था लेकिन दो साल पहले उनकी मौत के बाद उनके नाम से जारी राशन कार्ड रद्द कर दिया गया।

कभी भोजन मिलता, कभी नहीं

आसपास के लोगों ने बताया कि बैद्यनाथ रिक्शा चला कर परिवार का भरण-पोषण करता था। एक माह से बीमार था। वह दमे का मरीज था। इलाज के लिए पैसे भी नहीं थे। एक सप्ताह से बिस्तर पर था। उसे समुचित भोजन नहीं मिल पा रहा था। कभी भोजन मिलता तो कभी नहीं। धनबाद के उपायुक्त ए दोड्डे ने कहा कि भूख से मौत नहीं हुई है। बैद्यनाथ दमा ग्रसित थे। स्वाभाविक मौत है। उसके बच्चे कमाते हैं। राशन कार्ड के लिए चार दिन पूर्व कागजात जमा करवा गया था। जल्द ही कार्ड दिया जाएगा।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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