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मोदी सरकार में रुपये में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट, ये सब चीजें होंगी महंगी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 29 , 2018 , 14:19 IST

भारतीय रुपया इन दिनों अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। रुपया सभी रिकॉर्ड तोड़कर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है। गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 69.09 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। यह पहला मौका है, जब डॉलर के मुकाबले रुपये 69 के स्तर पार कर गया। अभी तक भारतीय रुपये का रिकॉर्ड 28 अगस्त 2013 का बताया जाता है जब एक डॉलर की कीमत 68 रुपये 83 पैसे हो गई थी लेकिन अब यह 69 रुपये को पार कर चुका है। यह रुपये में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट है।

क्यों टूट रहा है रुपया?

-ऐसा माना जा रहा है कि ज्यादा मात्रा में एक्सपोर्ट और एक्सपोर्ट में कमी की वजह से रुपए की कीमत में फर्क आया है।

-इक्विटी मार्केट में एफआईआई की निकासी के चलते भी रुपए में गिरावट दर्ज की जा सकती है। भारत में पिछले कुछ समय से इक्विटी और बॉन्ड मार्केट में विदेशी निवेश में कमी आई है जिसके चलते डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमतों में कमी दर्ज की गई।

-कच्चे तेल के दामों में तेजी और अमेरिका और चीन में ट्रेड वॉर के चलते करेंसी में यह तेज गिरावट आई है। जानकारों का कहना है कि महीने के आखिर में डिमांड बढ़ने के चलते भी रुपये पर दबाव बना है।

-क्रूड की बढ़ती कीमतें, महंगाई बढ़ने के आसार, करेंट अकाउंट डेफिसिट के बढ़ने का असर रुपए पर पड़ रहा है।

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आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा

-रुपया घटने से जो नुकसान सामने आएंगे उसमें विदेशों में यात्रा थोड़ी मंहगी पड़ सकती है। डॉलर का रेट बढ़ने से आपको पहले की मुकाबले ज्यादा चुकाना पड़ेगा।

-अगर आपका बच्चा विदेश में पढ़ रहा है तो आपको दिक्कतें हो सकती हैं। डॉलर के मुकाबले रुपए कमजोर होने पर आपको पहले से ज्यादा डॉलर विदेशों मे चुकाना पड़ेगा।

-भारत अपनी जरूरत का करीब 80 फीसदी पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट आयात करता है।

-रुपये में गिरावट से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का आयात महंगा हो जाएगा।

-तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं।

-डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई बढ़ जाएगी, जिसके चलते महंगाई में तेजी आ सकती है।

-इसके अलावा, भारत बड़े पैमाने पर खाद्य तेलों और दालों का भी आयात करता है।

-रुपये के कमजोर होने से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों और दालों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

ये होंगे फायदे

रुपया कमजोर होने से सिर्फ नुकसान नहीं बल्कि कई तरह के फायदे भी होते हैं। अगर आप एक्सपोर्ट के बिजिनेस जुड़े हैं तो डॉलर मजबूत होने पर आपको फायदा होगा। देश में ऐसी बहुत सी फर्म हैं जो एक्सपोर्ट बेस्ड हैं।

 


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