बिज़नेस

SBI ने मिनिमम बैलेंस पर दी बड़ी राहत, 75% तक घटाया जुर्माना

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
2155
| मार्च 13 , 2018 , 15:08 IST

देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने बचत खातों में ऐवरेज मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर जुर्माने की रकम करीब-करीब 75% तक कम कर दी है। नया शुल्क 1 अप्रैल 2018 से लागू हो जाएगा। एसबीआई के इस कदम से 25 करोड़ ग्राहकों को फायदा होगा। एसबीआई ने कहा कि ऐवरेज मंथली बैलेंस में कटौती का फैसला विभिन्न पक्षों के फीडबैक को मद्देनजर रखते लिया गया है।

Master

किसे कितनी छूट? 

महानगरों और शहरी क्षेत्रों के ग्राहकों को अपने सेविंग्स अकाउंट्स में ऐवरेज मंथली बैलेंस नहीं रखने पर हर महीने 50 रुपये का जुर्माना देना पड़ता था जो 1 अप्रैल से घटकर 15 रुपये हो जाएगा। इसी तरह शहर और कस्बाई क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए यह प्रतिमाह 40 रुपये था जो घटकर 12 रुपये रह जाएगा। हालांकि, जुर्माने की रकम के साथ 10 रुपये का जीएसटी भी देना होगा। यानी, मेट्रो और अर्बन सेंटर्स पर ग्राहकों को कुल 25 रुपये जबकि कस्बाई क्षेत्रों के ग्राहकों को कुल 22 रुपये का चार्ज हर महीने देना होगा। ग्रहाकों को क्रमशः 25 रुपये और 18 रुपये की राहत मिलेगी। 

कितनी रकम रखना ज़रूरी? 

अगर आपका बचत खाता महानगर के किसी शाखा में है तो आपको 3,000 रुपये का ऐवरेज बैलेंस मेंटेन करना होगा, जो सितंबर 2017 से पहले 5,000 रुपये था। अभी शहरी इलाके की शाखाओं वाले बचत खातों में भी 3,000 रुपये का ऐवरेज बैलेंस रखना होगा जबकि कस्बाई या ग्रामीण इलाके के खातों के लिए यह रकम क्रमशः 2,000 रुपये और 1,000 रुपये तय है। 

खूब हुई थी आलोचना

दरअसल, जब खबरें आने लगीं कि एसबीआई ने ऐवरेज मंथली बैलेंस नहीं रख पानेवालों से महज 8 महीनों में 1,771 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम वसूल ली तो इसे सरकारी बैंक की चौतरफा कड़ी आलोचना होने लगी। जुर्माने से वसूली गई रकम जुलाई-सितंबर में बैंक को हुए 1,581.55 करोड़ रुपये के मुनाफे से भी ज्यादा और अप्रैल-सितंबर छमाही में हुए 3,586 करोड़ रुपये के कुल शुद्ध लाभ का करीब-करीब आधी है। 

अक्टूबर 2017 में घटाया था चार्ज 

अक्टूबर 2017 में एसबीआई ने सर्विस चार्ज में 20 से 50 प्रतिशत तक की कटौती की थी। इससे पहले, एएमबी मेंटेन नहीं करने पर मेट्रो एवं अर्बन कस्टमर्स से 40 से 100 रुपये तक वसूले जाते थे जिसे घटाकर 30 से 50 रुपये किया गया था। अर्ध-शहरी या कस्बाई एवं ग्रामीण इलाकों की शाखाओं के ग्राहकों पर जुर्माने की रकम भी 25 रुपये से 75 रुपये के मुकाबले 20 रुपये से 40 रुपये कर दी गई थी। 


कमेंट करें