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सुप्रीम कोर्ट में जनवरी 2019 तक टली आर्टिकल 35A पर सुनवाई

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 31 , 2018 , 12:29 IST

आर्टिकल 35A पर सुनवाई एक बार फिर टल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी 2019 तक सुनवाई टाल दी है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यी बेंच ने सुनवाई स्थगित करने का फैसला किया है। उम्मीद थी कि आज सुप्रीम कोर्ट इस मामले को संविधान पीठ में भेजने पर फैसला कर सकता है। याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने इस अनुच्छेद की वैधानिकता को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी थी।

कश्मीर में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। श्रीनगर में अलगाववादियों के बंद को देखते हुए सेना भी मुस्तैद हो गई है। पत्थरबाजों से निपटने के लिए फौज ने मोर्चा संभाल लिया है। मामले की सुनवाई से पहले ही घाटी में इस मुद्दे पर बवाल हो रहा है। सोमवार को भी जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में कुछ जगह झड़प और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं थीं।

घाटी में सरकार ने आगामी निकाय चुनावों को देखते हुए इसपर सुनवाई स्थगित करने की मांग की थी। केंद्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए एजी केके वेणुगोपाल ने मांग की थी कि सारी सुरक्षा एजेंसियां राज्य में स्थानीय चुनावों की तैयारियों में जुटी हुईं हैं। आर्टिकल 35A के मुद्दे को लेकर जम्मू-कश्मीर का माहौल भी गरमाया हुआ था। अलगाववादियों ने गुरुवार को कश्मीर घाटी में बंद का आह्वान कर रखा था।

क्या है आर्टिकल 35-A

आर्टिकल 35-ए जम्मू कश्मीर के स्थायी निवासियों को विशेष अधिकार देता है और राज्य से बाहर के किसी व्यक्ति से शादी करने वाली महिला से संपत्ति का अधिकार छीनता है। साथ ही, कोई बाहरी शख्स राज्य सरकार की योजनाओं का फायदा भी नहीं उठा सकता है और न ही वहां सरकारी नौकरी पा सकता है। आर्टिकल 35-A को वर्ष 1954 राष्ट्रपति आदेश के जरिए संविधान में जोड़ा गया।

आर्टिकल 35A में ये है विशेषाधिकार

अनुच्छेद 35A, धारा 370 का ही हिस्सा है। इस धारा के कारण दूसरे राज्यों का कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर में ना तो संपत्ति खरीद सकता है और ना ही वहां का स्थायी नागरिक बनकर रह सकता है।


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