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बाबरी विध्वंस के 26 साल, किले में तब्दील हुई राम की नगरी अयोध्या

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 6 , 2018 , 09:12 IST

6 दिसंबर 1992 को लाखों कारसेवकों ने अयोध्या पहुंचकर बाबरी मस्जिद को गिरा दिया। उग्र भीड़ ने कुछ घंटों के भीतर ही पूरे ढांचे के ढाहा दिया। इसके बाद देश भर में सांप्रदायिक दंगे हुए और इन दंगों में कराब 2000 लोग मारे गए।

आज बाबरी विध्वंस को 26 साल पूरे हो गए हैं। किसी भी तरह की तनाव की स्थिति से निपटने के लिए अयोध्या में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। बीजेपी इसे शौर्य दिवस के रुप में माना रही है, तो मुस्लिम संगठन इसे काला दिवस के रुप में मना रहे हैं।

7-kar-sevaks-enter-the-babri-masjid6486184536 दिसंबर 1992 की सुबह लाखों की संख्या में कारसेवक अयोध्या पहुंच गए थे। सभी की जुबां पर जय श्री राम के नारों का जयघोष था। विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल, कारसेवकों के साथ वहां मौजूद थे। थोड़ी ही देर में बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी भी जुड़ गए। इसके बाद वहां लालकृष्ण आडवाणी भी पहुंच गए।

Uma-adwani-joshi-kalyanएक तरफ लाखों की संख्या में कारसेवक इकठ्ठा हो रहे थे, दूसरी ओर मंच से भाषण चल रहे थे। इसी दौरान भीड़ उन्मादी हो गई और बाबरी मस्जिद के ढांचे पर चढ़ गई और उसे तोड़ना शुरु कर दिया। महज 5 घंटे के भीतर ही उन्मादी भीड़ ढांचा ढहा दिया।

इसके बाद देशभर में सांप्रदायिक दंगे हुए और इल दंगों में 2000 से अधिक बेगुनाह लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।


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