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सनसनीखेज खुलासा: चर्च में 300 पादरियों ने किया 1000 बच्चों का यौन शोषण

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अगस्त 15 , 2018 , 16:44 IST

अमेरिका के पेन्सिलवेनिया से एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि एक कैथोलिक चर्च में पादरियों ने 1,000 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया है। ऐसा कहा जा रहा है कि यह काम पिछले कई दशकों से चल रहा था। ग्रांड ज्यूरी की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 300 पादरियों ने पिछले सालों से इस घिनौने काम को अंजाम दे रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक 1940 से बच्चों के साथ रेप और यौन शोषण का काम चल रहा था। रिपोर्ट यह भी बताती है कि इसमें सीनियर अधिकारी भी शामिल हैं, जो अब वॉशिंगटन डीसी में आर्कबिशप बने बैठे हैं।

रिपोर्ट यह भी कहती है कि 300 से ज्यादा पादरिंयों ने बीते 70 सालों में एक 1000 हजार से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया। उसके बाद रिपोर्ट कहती हैं कि चर्चों ने पादरियों के इन गुनाहों पर पर्दा डालने की कोशिश की।

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क्या कहा अटॉर्नी जनरल

स्टेट अटॉर्नी जनरल जोश शैपिरो ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रिपोर्ट में 1000 से ज्यादा पीड़ितों की पहचान की गई है लेकिन ग्रैंड जूरी को विश्वास है कि यह संख्या और ज्यादा है। 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' के मुताबिक, अमेरिका के कैथलिक चर्चों में यौन शोषण पर यह अब तक की सबसे बड़ी जांच रिपोर्ट है। 18 महीने तक चली इस जांच का नेतृत्व अटॉर्नी जनरल जोश शैपिरो कर रहे थे। उनके साथ हैरिसबर्ग, पीट्सबर्ग, ऐलेनटाउन, स्क्रैनटन, एरी और ग्रीन्सबर्ग जिलों के भी अधिकारी शामिल थे।

1400 पन्नों की रिपोर्ट

1400 पन्नों की इस रिपोर्ट में पाया गया है कि पेन्सिलवेनिया और वैटिकन में चर्च के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन यौन शोषण के मामलों को व्यवस्थित तरीके से छिपाने की कोशिश की। शैपिरो ने कहा, 'इन मामलों को छिपाने का परिणाम यह रहा कि अब ये मुकदमा चलाने के लिए भी बहुत पुराने हो गए हैं।'

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क्या कहती है रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, पादरियों ने लड़के और लड़कियों दोनों का शोषण किया। रिपोर्ट में दिए एक उदाहरण के मुताबिक, ऐलनटाउन जिले में एक पादरी से जब यौन शोषण की शिकायत पर पूछताछ की गई तो उन्होंने एक लड़के के शोषण करने की बात कबूली और कहा, 'कृपया मेरी मदद कीजिए।'

रिपोर्ट के मुताबिक एक अन्य मामले में पादरी ने 9 साल के लड़के को ओरल सेक्स करने को विवश किया और उसके बाद उसका मुंह 'पवित्र पानी' से धो दिया। एक अन्य पादरी ने दशकों पहले एक लड़की से बलात्कार की बात कबूली। पादरी के मुताबिक, पीड़ित लड़की उस समय 7 साल की थी और अस्पताल में टॉन्सिल्स का इलाज करवाने के लिए भर्ती थी।

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दर्जनों पादरियों ने रिपोर्ट को जारी करने से रोकने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया ताकि रिपोर्ट से उनके नाम या ऐसी कोई भी जानकारी हटा दी जाए जिससे उनकी पहचान हो सके। इन पादरियों का दावा है कि अगर रिपोर्ट में उनके नाम जाहिर हो गए तो इससे उनकी छवि को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचेगा।

लगभग हर मामले में अभियोजकों ने पाया कि कई पादरियों पर अपराधिक मुकदमा नही चलाया जा सकता है, क्योंकि कई तो रिटायर्ड हो चुके है और 100 से अधिक पादरियों की मौत भी हो चुकी है। अधिकारियों ने फिलहाल दो पादरियों को दोषी ठहराया है, जिसमें एक दोषी पाया जा चुका है। अटॉनी जनरल जोश शापिरो के अनुसार इस मामले की जांच चल रही है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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