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जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान एक गलती थी: अजीत डोभाल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 5 , 2018 , 09:39 IST

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर के लिए अलग संविधान होना संभवत: एक 'गलती' थी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संप्रभुता से कभी समझौता नहीं किया जा सकता। इसे न तो कमजोर किया जा सकता है और न ही गलत तरीके से परिभाषित किया जा सकता है। डोभाल ने यह बात सरदार पटेल पर लिखी गई किताब के विमोचन कार्यक्रम में कही। किताब के विमोचन का कार्यक्रम विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के मंच पर हुआ, जिसके वे खुद एक संस्थापक हैं।

DmQaIcpU4AA_denसरदार वल्लभभाई पटेल पर एक किताब लांच किए जाने के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए डोभाल ने कहा कि पटेल ने देश का मजबूत आधार रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि संप्रभुता को न तो खत्म किया जा सकता और न ही गलत तरीके से परिभाषित किया जा सकता। शायद अंग्रेज भारत को एक मजबूत संप्रभु राज्य के रूप में छोड़कर नहीं जाना चाहते थे।

डोभाल ने कहा कि पटेल का योगदान केवल राज्यों के विलय को लेकर नहीं था, उनका उद्देश्य एक संप्रभु राज्य बनाना था जिसमें लोगों की संप्रभुता संविधान में निहित की गई जो कि पूरे देश में लागू होती है। हालांकि जम्मू-कश्मीर में संविधान को खंडित रूप में लागू किया गया जबकि वहां जम्मू-कश्मीर का अलग संविधान अस्तित्व में रहा, जो कि असामान्य था।

डोभाल ने कश्मीर पर यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 35-ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। अनुच्छेद 35-ए के तहत जम्मू एवं कश्मीर के स्थाई निवासियों को खास तरह के अधिकार और कुछ विशेषाधिकार दिए गए हैं।


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