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... जब सोनिया गांधी के पास बैठने के लिए राजीव गांधी ने दिए थे वेटर को दोगुने पैसे (जयंती विशेष)

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 20 , 2018 , 09:37 IST

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर आज यानी सोमवार को उनके समाधि स्‍थल पर सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने श्रद्धांजलि दी। उनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, प्रियंका गांधी वाड्रा, राबर्ट वाड्रा समेत कांग्रेस के अन्‍य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का की आज जयंती है। राजीव गांधी देश के छठवें नंबर के तथा देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। 20 अगस्‍त, 1944 को जन्‍मे राजीव गांधी की 1991 में तमिलनाडु में हत्‍या कर दी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजीव गांधी की मौत एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी जिसपर अभी भी विवाद बना हुआ है। उनके हत्याकांड में शामिल आरोपी जेल में बंद हैं जिनकी रिहाई को लेकर समय-समय पर राजनीति होती रही है।

आज वह भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका विजन हम सबको आज भी प्रेरणा देता है। राजीव गांधी की प्रारंभिक शिक्षा देहरादून के दून स्कूल से हुई। 1961 में वह लंदन गये और वहां के इम्पीरियल कॉलेज और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की थी।

1966 में मां इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बाद वे भारत वापस आ गए थे। साल 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके पुत्र राजीव गांधी भारी बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने।

राजनीति में नहीं थी रुचि-:

राजीव गांधी की कभी राजनीति में आने की दिलचस्पी नहीं थी। राजनीति में आने से पहले वो एक एयरलाइन में पाइलट की नौकरी करते थे। आपातकाल के बाद जब इन्दिरा गांधी को सत्ता छोड़नी पड़ी थी, तब कुछ समय के लिए राजीव परिवार के साथ विदेश में रहने चले गए थे। लेकिन 1980 में अपने छोटे भाई संजय गांधी की एक हवाई जहाज दुर्घटना में मौत के बाद मां इंदिरा को सहयोग देने के लिए उन्हें साल 1982 में राजनीति में उतरना पड़ा।

वो अमेठी से लोकसभा का चुनाव जीतकर सांसद बने और 31 अक्टूबर 1984 को मां इंदिरा गांधी की हत्या किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की पूरी बागडोर उन्हीं के कंधों पर डाल दी। 1981 में हुए आम चुनावों में सबसे अधिक बहुमत पाकर प्रधानमंत्री बने रहे।

सोनिया गांधी की राजीव गांधी से मुलाकात-:

राजीव गांधी ने सोनिया को पहली बार कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में देखा था। यही पर मौजूद एक ग्रीक रेस्टोरेंट से उनकी प्रेम कहानी की शुरुआत हुई थी। राजीव के लिए ये पहली नजर का प्यार था। वह सोनिया को देखते ही उनके दीवाने हो गए थे। यही नहीं सोनिया के करीब आने के लिए उन्होंने रेस्टोरेंट मालिक से ये भी आग्रह किया था कि वो उन्हें सोनिया के पास वाली सीट बैठने के लिए दे दें।

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इस वाकये को बताते हुए रेस्टोरेंट के मालिक ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब राजीव ने उससे सोनिया के पास वाली सीट मांगी थी तो मालिक ने उन्हें कह दिया था कि अगर आप चाहते हैं कि ऐसा हो तो आपको दोगुना भुगतान करना होगा। इस पर वह तुरंत तैयार हो गए थे।

राजीव ने उसी दिन रेस्टोरेंट में ही एक पेपर नैपकिन पर सोनिया के लिए एक कविता लिखी और वहां की सबसे महंगी वाइन की बॉटल के साथ सोनिया को भेज दी। सिमी ग्रेवाल को दिए एक इंटरव्यू में राजीव ने कहा भी था कि, 'सोनिया को पहली बार देखकर ही मैं समझ गया था कि यही वो लड़की है जो मेरे लिए बनी है। वो बहुत स्ट्रेट फॉरवर्ड और आउटस्पोकन है। वह कभी कुछ नहीं छुपाती। वो काफी मिलनसार हैं।'

राजीव गांधी ने मां इंदिरा की हत्या के बाद प्रधानमंत्री के तौर पर देश के लिए कई सारे फैसले लिए। इन फैसलों में कुछ को सराहा गया तो वहीं कुछ फैसले आज भी विवादास्पद बने हुए हैं।

- राजीव गांधी ने अर्थव्यवस्था के सेक्टर्स को खोला।

- साल 1988 में की गई उनकी चीन यात्रा ऐतिहासिक थी।

- अगले दशक में होने वाली आईटी क्रांति की नीव राजीव गांधी ने ही रखी।

- मतदान उम्र सीमा 18 साल की और ईवीएम मशीनों की शुरुआत की।

- राजीव ने पंचायती राज के लिए विशेष प्रयास किए।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्वीट करके किया याद-:

 


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