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In-depth Report: कैटेलोनिया की आजादी से EU पर पड़ेगा असर, टूट जाएगा स्पेन

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 28 , 2017 , 14:35 IST

इंतजार खत्म हुआ। कैटेलोनिया ने स्पेन से आजादी की घोषणा कर दी। शुक्रवार को कैटेलोनिया की संसद द्वारा आजादी की घोषणा के बाद स्पेन की सीनेट ने वहां केंद्रीय शासन लगाने की अनुमति दे दी।

हालांकि आजादी की घोषणा सांकेतिक कदम है क्योंकि इसे न तो स्पेन की सरकार स्वीकार करेगी और न ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय, लेकिन इस कदम ने स्पेन के राजनीतिक संकट को चार दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया है। कैटेलोनिया की संसद द्वारा आजादी की घोषणा के तुरंत बाद स्पेन के प्रधानमंत्री मारियानो राखोय ने लोगों से शांत रहने की अपील की और कहा कि कानून का राज शीघ्र स्थापित किया जाएगा।

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बार्सिलोना में क्षेत्रीय संसद की बैठक ने एक प्रस्ताव पास कर कहा, कैटेलोनिया ने एक स्वतंत्र, सार्वभौम और सोशल डेमोक्रैटिक राज्य का गठन किया है। संसद ने दूसरे देशों और संस्थानों से उसे मान्यता देने की अपील की। प्रस्ताव में कहा गया है कि वह मैड्रिड के साथ नए गणराज्य की स्थापना में सहयोग करना चाहता है। जब यह प्रस्ताव पास हुआ तो स्वतंत्रता समर्थक हजारों लोग संसद भवन के बाहर इकट्ठा थे। क्षेत्रीय संसद के विपक्षी सदस्यों ने संसद की बैठक में हिस्सा नहीं लिया।

बेल्जियम के आकार वाले स्पेन के पूर्वोत्तर इलाके कैटेलोनिया में स्पेन की करीब 16 प्रतिशत आबादी रहती है और देश की आर्थिक क्षमता में उसका हिस्सा 20 प्रतिशत है। मैड्रिड के कथित हस्तक्षेप के खिलाफ गुस्सा सालों से उबल रहा था जिसकी पराकाष्ठा इस साल 1 अक्टूबर को आजादी पर जनमत संग्रह के रूप में सामने आयी। अदालतों और केंद्रीय सरकार ने इसे गैरकानूनी घोषित कर दिया, इसके बावजूद मतदान हुआ और करीब 90 प्रतिशत लोगों ने आजादी का पक्ष लिया, हालांकि सिर्फ 43 प्रतिशत लोगों ने मतदान में भाग लिया।

यूरोपीयन यूनियन लगातार कुछ समय से मुश्किल दौर में है। खासतौर पर ब्रेग्जिट के बाद से इसको लगातार उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ जिस तरह से स्‍पेन टूट के कगार पर पहुंच गया है, उसके चलते ईयू को अभी काफी कुछ देखना बाकी है। दरअसल, पिछले काफी समय से कैटेलोनिया, स्‍पेन से अलग होने के लिए संघर्ष कर रहा था। साफ है कि कैटेलोनिया के अलग होने का असर सीधे तौर स्‍पेन के बाकी 16 क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।

आप कैटेलोनिया के बारे में क्या जानते हैं?

कैटेलोनिया स्पेन के सबसे संपन्न इलाक़ों में से एक है। इसका एक हज़ार साल पुराना अलग इतिहास रहा है। स्पेन में गृह युद्ध से पहले इस इलाक़े को स्वायत्तता मिली हुई थी। 1939 से 75 के बीच जनरल फ्रांसिस्को फ्रैंको के नेतृत्व में कैटेलोनिया को जो स्वायत्तता मिली थी, उसे ख़त्म कर दिया गया। जब फ्रैंको की मौत हुई तो कैटेलन राष्ट्रवाद को फिर से हवा मिली और आख़िर में उत्तरी-पूर्वी इलाक़ों को फिर से स्वायत्तता देनी पड़ी। ऐसा 1978 के संविधान के तहत किया गया।

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2006 के एक अधिनियम के तहत कैटेलोनिया को और ताक़त दी गई। कैटेलोनिया का वित्तीय दबदबा बढ़ा और उसे एक राष्ट्र के रूप में देखा जाने लगा। लेकिन यह भी बहुत दिनों तक नहीं रहा. स्पेन की संवैधानिक कोर्ट ने 2010 में सारी ताक़त वापस ले ली। इसके बाद से वहां का स्थानीय प्रशासन नाराज़ है। आर्थिक मंदी और सार्वजनिक खर्चों में कटौती के बाद से स्वायत्तता को लेकर लोगों का ग़ुस्सा और बढ़ गया। कैटेलन्स ने नवंबर 2014 में आज़ादी के लिए एक अनाधिकारिक रूप से मतदान का आयोजन किया था।

क्या कर सकता है स्‍पेन

यदि कैटेलोनिया के मनोनित राष्ट्राध्यक्ष स्वतंत्रता की घोषणा करते हैं तो मैड्रिड सरकार संविधान के अनुच्छेद 155 का उपयोग करते हुए कैटेलोनिया की सरकार को बर्खास्त कर वहां का शासन अपने हाथ में ले सकती है। लेकिन इससे वहां पर हिंसा भड़कने की आशंका बढ़ जाएगी।

कैटेलोनिया के लोगों की नाराजगी

कैटेलोनिया का आजादी के लिए संघर्ष करीब 11 वर्ष पहले उस वक्‍त शुरू हुआ था जब पूरे विश्‍व में मंदी का दौर था। उस वक्‍त यहां के लोगों में स्‍पेन को लेकर एक नाराजगी पनप रही थी कि स्‍पेन उनके संसाधनों का उपयोग कर रहा है और उनका फायदा कैटेलोनिया के लोगों को नहीं मिल रहा है। 2007 में आई वैश्विक मंदी के बाद यहां के लोगों में स्‍पेन को लेकर विरोध बढ़ता चला गया। 2010 में स्‍पेन और कैटेलोनिया के बीच समझौते की उम्मीद भी बनी, लेकिन यह वार्ता विफल हो गई। कैटेलोनिया की आजादी चाहने वालों के बीच ‘मैड्रिड नो रोबा’ का नारा खूब गूंजता सुनाई दे रहा है। इसका अर्थ है ‘मैड्रिड हमें लूट रहा है’।

स्‍पेन की समृद्धि में कैटेलोनिया की हिस्‍सेदारी

स्पेन की समृद्धि में 25 फीसद निर्यात, 21 प्रतिशत राजस्व और 20 फीसद आर्थिक स्रोत की कैटेलोनिया हिस्सेदार रहा है, जबकि उसकी जनसंख्या केवल 16 प्रतिशत है। यहां पर यह भी बात ध्‍यान में रखनी होगी कि स्‍पेन र्इयू के टॉप तीन देशों में शामिल है और यूरोप का चौथा सबसे बड़ा देश भी है। स्‍पेन का क्षेत्रफल जहां 195,365 वर्ग मील है, वहीं कैटेलोनिया का क्षेत्रफल करीब 32,108 वर्ग किमी में फैला है। इसकी राजधानी बर्सिलोना है जो पूर्व में ओलंपिक खेलों का आयोजन कर चुका है। कैटेलोनिया के पास हालांकि अपना राष्ट्रीय झंडा, संसद, पुलिस, प्रसारण संस्था, शिक्षा प्रणाली तो है, लेकिन राष्ट्र के दूसरे तत्व जैसे राष्ट्रीय बैंक, सेना, विमानन सेवा, टेलीफोन नेटवर्क, बिजली और गैस वितरण की अपनी व्यवस्था नहीं है।

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कई क्षेत्रों के मुकाबले ज्‍यादा समृद्ध है कैटेलोनिया

गौरतलब है कि कैटेलोनिया अन्य स्पैनिश क्षेत्रों के मुकाबले अधिक समृद्ध है और स्पेन की जीडीपी में तकरीबन 19 फीसद और निर्यात में 25 फीसद का प्रतिनिधित्व करता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2016 में स्पेन के साढ़े सात करोड़ पर्यटकों में से 1.8 करोड़ लोगों ने कैटेलोनिया जाना पसंद किया। तारागोना पूरे यूरोप में रासायनिक उद्योग का सबसे बड़ा केंद्र है, जबकि बार्सिलोना यूरोपीय संघ के बीस सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक है। यह भी सही है कि कैटेलोनिया अपने क्षेत्र में खर्च से अधिक टैक्स का भुगतान करता है। 2014 के आंकड़ों पर यदि नजर डालेंगे तो पता चलता है कि कैटेलोनिया को खर्च के लिए जितना धन मिला, उसने उससे 76,000 करोड़ रुपये से ज्यादा स्‍पेन को कर के रूप में चुकाया है।

हजारों करोड़ का कर्ज सबसे बड़ी चिंता

कैटेलोनिया में जो आजादी की मांग उठ रही है उस पर स्‍पेन की सरकार का कहना है कि यदि वह अलग हो जाता है तो उसकी अर्थव्यवस्था में 25 प्रतिशत की गिरावट आएगी। वहीं कैटलोनिया के लिए कर्ज का भुगतान एक बड़ी समस्‍या है। माजूदा समय में वहां की सरकार पर 5,85,200 करोड़ रुपये या कैटेलोनिया की जीडीपी का 35.4 फीसद का कर्ज है। इनमें से 3,95,200 करोड़ रुपये स्पेन की सरकार का हिस्सा है। 2012 में स्पेन की सरकार ने उन क्षेत्रों को नकद देने के मकसद से एक खास कोष की स्थापना की, जो वित्तीय संकट के बाद वैश्विक बाजारों से कर्ज लेने में असमर्थ थे।

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आजाद होने पर क्‍या पड़ेगा फर्क

कैटेलोनिया को लेकर एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्‍या आजादी के बाद वह यूरोपीय संघ का हिस्सा बना रहेगा। यहां पर यह बात ध्‍यान में रखनी होगी कि कैटेलोनिया के विदेशी निर्यात का दो तिहाई हिस्सा यूरोपीय संघ में जाता है। उसके लिए एक बड़ी समस्‍या यह भी होगी कि यदि यह स्पेन से अलग हो जाता है तो इसे यूरोपीय संघ का सदस्य बनने के लिए दोबारा आवेदन करना होगा। इसके लिए उसे स्पेन समेत समूचे ईयू के सदस्यों की सहमति लेनी होगी।

आजाद देश की सूरत में कैटेलोनिया की समस्‍या

स्वतंत्रता की घोषणा से वहां के निवासियों के पास न स्पेन की और ही यूरोपीय नागरिकता रहेगी और न ही शेनगन वीजा। स्वतंत्र कैटेलोनिया को न केवल अपनी सीमाओं की सुरक्षा खुद करनी पड़ेगी, बल्कि कई दूसरे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में शामिल होने के लिए नए सिरे से आवेदन करना होगा। संसाधनों से लैस होते हुए भी कैटेलोनिया से कई बड़ी कंपनियों का पलायन शुरू हो गया है।

स्कॉटलैंड में भी आजादी की बयार

19वीं शताब्दी से ही स्कॉटलैंड आजाद मुल्क बनना चाहता है। UK का यह छोटा सा राज्य जिसकी आबादी महज 5.4 मिलियन है 1999 से ही अपनी स्वायतता की लड़ाई के लिए अलग कानून बनाने की वकालत करता आ रहा है। 2014 में यहां रिफरेंडम भी हुआ था जहां स्कॉटलैंड की 84 फीसदी आबादी ने आजाद मुल्क के हक में मतदान किया था।

वेल्स भी होना चाहता है आजाद

वेल्स भी ब्रिटेन से आजाद होना चाहता है। वेल्स की नेशलिस्ट पार्टी 1925 से ही आजादी का नारा बुलंद कर रही है। 1997 के रिफरेंडम में वेल्स ने भी स्वायतता के पक्ष में मतदान किया था।

 

 

 

 


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