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NWI Exclusive: केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने कहा- पंजाब सरकार ने वादे कूड़ेदान में फेंक दिए

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| सितंबर 7 , 2017 , 14:59 IST

न्यूज वर्ल्ड इंडिया के साथ खास बातचीत में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने ये माना की देश में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बेहतर संभावनाएं है और अंतर्राष्ट्रीय निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 3 से 5 नवम्बर के बीच राजपथ पर बड़ा आयोजन किया जा रहा है यानी मेगा वर्ल्ड फूड इंडिया का आयोजन है। जहां महिलाओं के लिए बेहतर बाजार की व्यवस्था का इंतजाम किया गया है ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से और सशक्तिकरण हो सकें है। जिसमें तकरीबन सौ देशों से प्रतिनिधियों को भाग लेने की संभावनाएं है, जिससे महिला सशक्तिकरण को काफी बल मिलेगा।

मंत्रीजी ये मानती है कि फूड प्रोसोसिंग से किसानों की आय दोगुनी होगी। किसानों को सस्ते दर पर लोन देने की कोशिश है ताकि किसान तेजी के साथ विकास के मुख्यधारा से जुड़ सकें। फूड वेस्टेज को लेकर भी सरकार ने रोडमैप तैयार कर लिया है। हालांकि फूड प्रोसेसिंग में चालीस फीसदी एफडीआई का इन्वेस्टमेंट हुआ है।

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बता दें कि अभी काफी कम्पनियां इन्वेस्टमेंट करने लिए भारत की ओर रूख कर रही है। हालांकि मंत्री जी ये मानती है कि यूपीए पार्ट टू की सरकार ने साल 2008 से 2010 के बीच 43 मेगा फूड पार्क बनाने का ऐलान किया था लेकिन धरातल पर वो नजर नहीं आया है। मंत्री का कहना है कि अगले दो वर्ष में लागू कर देंगे। मंत्री जी ने ये भी सवाल उठाया कि कृषि और फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय को एक साथ कर देने से किसान और कृषि प्रणाली दोनों को बल मिलेगा।

सरकार की नई औद्योगिक नीति महिलाओं के लिए नई संभावनाएं पैदा करेंगी। पंचायत स्तर पर पचास फीसदी महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई तो अब देर क्यों? हालांकि हरसिमरत कौर महिला आरक्षण बिल पर भी खुल कर बोलने से भी परहेज नही की, वो ये मानती है कि जब सभी दल एक साथ समर्थऩ करें तो महिलाएं तेजी के साथ आगे बढ़ सकती है। ऐसे में सिर्फ चुनाव जीतना लक्ष्य नहीं होगा बल्कि सभी दलो के लिए मजबूरी होगी।

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इसी के साथ हरसिमरत कौर ने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधा। उनका मानना है कि पंजाब में आज किसान बड़े पैमाने आत्महत्या कर रहे है। घर-घर जाकर किसानों का कर्ज मांफ करने की बात करने वाले नेताओं ने तो वादे कूड़ेदान में फेंक दिए। इसको लेकर जनता में सरकार से खासा नाराज है। इतना ही नहीं लॉ एंड ऑडर के हालात भी बेहद खस्ता है।


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